बच्चों समेत आत्महत्या करने पहुंचीं बहनों को बचाया
झांसी। कोतवाली इलाके में रहने वाली दो बहनें ससुरालियों से प्रताड़ित होने के बाद रविवार की दोपहर रेलवे ट्रैक पर बच्चों समेत आत्महत्या करने पहुंच गईं। ट्रेन आने से पहले पटरियों के बीच लेटीं महिलाओं को देखकर वहां से गुजर रहे पुलिसकर्मी मौके पर पहुंचे। कार्रवाई का आश्वासन देकर दोनों को थाने लाया गया। मामला गंभीर देखते हुए सोमवार को ससुरालियों को बातचीत के लिए कोतवाली बुलाया गया है।
कोतवाली स्थित मुकरयाना मोहल्ले में रहने वाली दो बहनों की शादी पड़ोस में ही हुई है। शादी के बाद से ही दहेज की मांग को लेकर दोनों के पति और ससुराल पक्ष के लोग परेशान कर रहे हैं। इसके लिए दोनों ने दहेज उत्पीड़न का मामला भी दर्ज कराया था। जहां कुछ समय पहले ही हाईकोर्ट से दोनों परिवारोें के बीच समझौता हो गया। इसके बाद दोनों हंसी खुशी रहने लगीं। कुछ दिन बीतने के बाद पुन: ससुरालीजन दहेज की मांग को लेकर उत्पीड़न करने लगे। आरोप है कि महिलाओं के परिजनों को भी धमकाया जा रहा है। इससे परेशान होकर दोनों बहनों ने बच्चों समेत जान देने का इरादा कर किया। दोनों बहनों ने पुलिस के नाम एक पत्र लिखकर घटना का जिक्र भी किया। पत्र में ससुरालियों के नाम भी लिखेे। इसके बाद पत्र घर पर छोड़कर बच्चों को साथ लेकर झांसी-कानपुर रेलवे लाइन स्थित पंचवटी कॉलोनी के पास आत्महत्या करने पहुंच गईं। रेलवे ट्रैक पर बच्चों को ले जाकर साथ लेट गईं, जिस समय रेलवे ट्रैैक पर दोनों लेटी थीं, तभी वहां से गुजर रहे नई बस्ती चौकी सिपाहियों की नजर पड़ी। आनन-फानन में पुलिसकर्मियोें ने मौके पर पहुंचकर दोनों को ट्रैक से उठाकर उनकी बात सुनी। इसके बाद कार्रवाई का आश्वासन दिलाते हुए कोतवाली लाया गया। कोतवाली प्रभारी संजय सिंह ने दोनों की फरियाद सुनकर ससुरालियों को थाने बुलाया। दोनों परिवारों ने सोमवार को आने की बात कही। कोतवाली प्रभारी ने बताया कि दोनों परिवारों को बुलाकर वार्ता कर हल निकाला जाएगा।