झांसी। कोरोना के बढ़ते संक्रमण की वजह से जेल में होने वाले रक्षाबंधन के आयोजन को रद्द कर दिया गया है। इस बार बहनें डाक के जरिए जेल में बंद अपने-अपने भाइयों को राखी भेजेंगी। जेल में पहुंचने वाली हर राखी को सैनिटाइज करने के बाद भाई के पास पहुंचाया जाएगा। जेल में बंद सभी भाइयों से जेल प्रशासन ने फोन पर बात कराकर डाक से राखी भेजने की बात पहुंचा दी है।
3 अगस्त को रक्षाबंधन का त्योहार मनेगा। हर साल जेल में भाइयों को राखी बांधने के लिए भारी तादाद में बहनें पहुंचती थीं। ऐेसे में जेल के बाहर मेला सा लगा रहता था। एक सप्ताह पहले से ही जेल के अंदर व बाहर व्यवस्थाओं को दुरुस्त करने के लिए तैयारियां होती थीं। लेकिन, इस बार कोरोना के बढ़ते संक्त्रस्मण के चलते जेल में मनाया जाने वाला रक्षाबंधन का त्योहार पूरी तरह फीका रहेगा। लॉकडाउन लगने के बाद से ही जेल में होने वाली मुलाकात पर रोक भी है। ऐसे में मुलाकात के साथ ही त्योहार पर बहन के मिलने पर भी रोक है। भले ही बहन राखी न बांध पाए, लेकिन भाइयों तक राखी पहुंचाने का इंतजाम जेल प्रशासन ने किया है।
जेल प्रशासन ने जेल में बंद सभी बंदियों की बहनों से बात कराई है। उनसे कहा गया है कि वह इस बार राखी डाक से भेेजें। एक अगस्त तक ही राखी का लिफाफा मान्य होगा। एक अगस्त तक जेल भेजने वाली सभी राखी के लिफाफों को खोलकर सैनिटाइज के बाद बंदियों के पास पहुंचाय जाएगा। वरिष्ठ जेल अधीक्षक राजीव कुमार शुक्ला ने बताया कि डाक वाली राखी भाइयों की कलाई पर सजेगी। बहनों के पास भाइयों के जरिए कॉल कराकर सूचना पहुंचा दी गई है।