मां दुर्गा की मूर्तियों की शोभा यात्रा के आगे भक्तों ने खूब नृत्य किया। अमर उजाला
झांसी। महानगर में सजी दुर्गा प्रतिमाओं का शंखों की मधुर गूंज के बीच विधिवत विसर्जन हुआ। सीपरी में घट का विसर्जन हुआ। शहर की दुर्गा बाड़ी में सुबह दशमी की तिथि लगने के बाद वेद मंत्रों के बीच दर्पण विसर्जन हुआ। इसके बाद मां दुर्गा को बंगाली समाज की महिलाओं ने सिंदूर दान किया। शाम को शंख, झालरों एवं ढोल की धुन के बीच दुर्गा बाड़ी के कुंड में मां की प्रतिमा का विसर्जन किया गया। इस अवसर पर अजीत राय, प्रदीप मुखर्जी, रवि शंकर चटर्जी, असीत राय, डॉ. तपन सिन्हा, सिद्धार्थ चटर्जी आदि मौजूद रहे। इधर सीपरी कालीबाड़ी में मां दुर्गा एवं अन्य देवियों के स्वरूप रखे गए नौ घटों का कुंड में विसर्जन हुआ। इससे पहले बंगाली समाज की महिलाओं ने मां दुर्गा को सिंदूर दान किया। इसके बाद सभी ने एक-दूसरे को सिंदूर लगाया। माता रानी से परिवार की सुख समृद्धि की कामना की। इस अवसर पर पंडित रवि शंकर चक्रवर्ती, प्रियांशु डे, नवीन डे, सुबीर मुखर्जी, संदीप मित्रा, गौतम दत्ता, सुजीत डे आदि मौजूद रहे।
मां काली के दर्शनों को उमड़े श्रद्धालु
जय मां काली.., जय मां काली... के जयकारों से सोमवार का दिन पूरी तरह से गूंजायमान रहा। हर साल की तरह दशहरा पर्व पर सोमवार को भारी संख्या में श्रद्धालु मेवातीपुरा में खटीक समाज द्वारा विराजमान की गई मां काली की प्रतिमा के दर्शनों के लिए उमड़ पडे़। मां के दर्शनों के लिए दोपहर एक बजे से ही हजारों महिला एवं पुरुष श्रद्धालु परिवार सहित विसर्जन मार्ग के दोनों ओर जमा हो चुके थे। मां काली की प्रतिमा गंधीगर के टपरा, सिंधी तिराहा, बड़ा बाजार से होकर लक्ष्मी तालाब पर पहुंची। यहां माता काली की प्रतिमा को विधि विधान से विसर्जित किया गया।