अमर उजाला ब्यूरो
झांसी। नगर निगम की दुकानों पर काबिज सिकमी किरायेदारों को नियमित करने के लिए निगम प्रशासन ने एकमुश्त समाधान योजना आरंभ की है। सिकमी किरायेदारों को एकमुश्त समाधान योजना के तहत पांच दिन का मौका दिया गया है। इस अवधि में आवेदन करने वाले दुकानदार नियमित किए जाएंगे, जबकि आवेदन न करने वालों की दुकानें सील की जाएंगी।
नगर निगम की इलाइट चौराहा स्थित तिलक मार्केट, मछली-मुर्गा मंडी, सुभाष गंज समेत विभिन्न स्थानों पर करीब 1200 दुकानें हैं। दशकों पहले निगम प्रशासन ने ये दुकानें नाममात्र के किराये पर आवंटित कर दी। इन दुकानों को लेकर आवंटियों ने मोटी रकम पर दूसरे किरायेदार (सिकमी) को थमा दी। अब निगम प्रशासन इनको नियमित करना चाहता है। मिनी सदन से इजाजत मिलने के बाद निगम प्रशासन ने एकमुश्त समाधान योजना आरंभ की। नगर आयुक्त सत्यप्रकाश के मुताबिक इनमें काबिज दुकानदारों को पांच दिन का मौका दिया गया है।
खुली नीलामी में 20 लाख में उठी थी तिलक मार्केट की दुकान
इलाइट चौराहा स्थित तिलक मार्केट की दुकानों के अधिकांश आवंटी निगम को 200-250 रुपये ही किराया देते हैं लेकिन, आज के दौर में बाजार में इनकी कीमत लाखों में है। दो साल पहले दुकान संख्या- 18 के आवंटी महेंद्र कुमार के किराया न जमा करने एवं उसके सरकारी नौकरी में होने की शिकायत पर उसकी दुकान का आवंटन निरस्त कर दिया गया था। इस दुकान की वर्ष 2022 में निगम ने नीलामी कराई। यही दुकान 20 लाख के प्रीमियम पर आवंटित की गई।