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प्रभु नाम का जाप कर निकाला नगर कीर्तन

Fri, 03 Nov 2017 01:08 AM IST
अमर उजाला ब्यूराो
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jhansi news - फोटो : amar ujala
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श्री गुरु नानक देव जी के प्रकाश पर्व के उपलक्ष्य में बृहस्पतिवार को सिख समाज ने सीपरी में नगर कीर्तन निकाला। नगर कीर्तन में पंच प्यारे, संगत और अन्य श्रद्धालु गुरु वाणी कीर्तन कर प्रभु नाम का जाप करते चल रहे थे। वहीं जगह-जगह श्रद्धालुओं और व्यापारियों ने गुरु ग्रंथ साहिब की सवारी का स्वागत पुष्प वर्षा कर किया। इस दौरान प्रसाद भी बांटा गया।
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बृहस्पतिवार शाम को गुरु नानक खालसा इंटर कॉलेज सीपरी बाजार से नगर कीर्तन प्रारंभ हुआ। इसमें विद्यालय के विद्यार्थी, स्काउट दल और बैंड दल के अलावा पांच घुड़सवार, बाल रूप में पंच प्यारे शामिल थे। वहीं, गुरु ग्रंथ साहिब की सवारी के  आगे श्रद्धालु जल छिड़काव की सेवा कर रहे थे। गुरु ग्रंथ साहिब की सवारी के पीछे महिलाओं और पुरुषों की संगत थी, जो गुरुवाणी कीर्तन कर रही थी। सुभाष मार्केट से होती हुआ नगर कीर्तन यात्रा गुरुद्वारा श्री गुरु सिंह सभा सीपरी बाजार में पहुंची। यहां शबद कीर्तन के बाद श्रद्धालुओं ने गुरु के अटूट लंगर का प्रसाद छका। इस अवसर पर ज्ञानी महेंद्र सिंह रंधावा, जीएस सलूजा, बलविंदर सिंह सैनी, गुरविंदर सिंह सब्बरवाल, जीएस भोगल, दिलबाग सिंह भुसारी, लिप्पी चावला, इकबाल सिंह, हरप्रीत सिंह, दीपे भुसारी, मोहिंदर सिंह अरोरा, कुलदीप सिंह भुसारी, सतपाल सिंह अरोरा, जरनैल सिंह, जोगिंदर सिंह चावला आदि मौजूद रहे।


विश्वशांति के लिए गुरु नानक जी के संदेशों क ो अपनाएं
श्री गुरु नानक देव जी ने समानता का संदेश दिया है। आज आवश्यकता है कि समूचा विश्व गुरु नानक देव के उपदेशोें को आत्मसात करे। इससे दुनिया में शांति स्वत: हो जाएगी। यह कहना है सिख समाज के सदस्यों का।
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नाम जपने से सेवा की भावना होती है प्रकट
गुरु नानक देव जी क ा कहना है कि जो प्रभु का नाम जपता है, उसके अंदर अपने आप ही समाज के लिए प्रेम, श्रद्धा और सेवा की भावना प्रकट हो जाती है।
ज्ञानी महेंद्र सिंह रंधावा मुख्य ग्रंथी


अमीर गरीब का भेद नहीं है लंगर में
गुरु नानक जी ने गरीबों के लिए लंगर सेवा की थी, जिसमें अमीर और गरीब का भेदभाव नहीं है। यही कारण है कि प्रत्येक सिख परिवार में आज बरकत है।  
जगजीत कौर निवासी रिफ्यूजी कॉलोनी


स्त्री सत्संग की शुरूआत कराई थी
गुरु नानक जी ने स्त्री सत्संग की शुरूआत कराई थी। ताकि महिलाएं बिना किसी भेदभाव के प्रभु नाम का जाप करे। उनकी शिक्षा है प्रभु का स्मरण करो।  
मनिंदर कौर रिफ्यूजी कालोनी


सामाजिक कु रीतियों से दूर रहो
गुरु नानक जी ने कहा है कि सामाजिक कुरीतियों से दूर रहो। भाईचारा, और एकता को अपनाओें। जरूरी है कि सभी इंसान प्रकाश पर्व इस संदेश को आत्मसात करें।
गुरविंदर सिंह सब्बरवाल निवासी सीपरी  


गुरुद्वारा में सभी एक समान
सीपरी नानक गंज में वर्ष 1978 में सिख समाज द्वारा गुरुद्वारा स्थापित किया गया, जो श्री गुुरु सिंह सभा द्वारा संचालित है। मुख्य ग्रंथी महेंद्र सिंह रंधावा ने बताया कि गुरुद्वारा की मान्यता में चार बातें जरूरी है, जिनमें सुबह शाम प्रभु की भक्ति, कीर्तन, मुसाफिरों को रहने, खाने व इलाज की व्यवस्था हो। श्री गुरु सिंह सभा सीपरी गुरुद्वारा साहेब में यह चारों व्यवस्थाएं है। यहां जो भी मुसाफिर रुकने आते है, उनके साथ कोई धार्मिक भेदभाव नहीं होता है। सभी सुविधाएं नि:शुल्क प्राप्त होती है।
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