झांसी। ब्लॉकों मेें मतपेटिकाएं जमा कराने का काम शुक्रवार सुबह पांच बजे तक चलता रहा। कई बूथों में मतदान ही करीब साढ़े ग्यारह बजे खत्म हुआ। ऐसी पोलिंग पार्टियां मतपेटिकाएं लेकर दो बजे रात ब्लॉकों में पहुंची। मतपेटिका जमा कराने के लिए मतदानकर्मियोें को घंटों कतार में खड़ा रहना पड़ा।
इस बार एक साथ सभी चारों पदों पर चुनाव कराए गए। प्रत्येक मतदाता को चार मतपत्र दिए गए। इन मतपत्रों में मुहर लगाए जाने के साथ ही उनको विशेष तरीके से मोड़कर मतपेटिका में डाला जाना था। बड़ी संख्या में मतदाता भी एक साथ चार मतपत्र मिलने से असहज नजर आए। इन सब वजहों से मतदान काफी विलंब तक होता रहा। जनपद के 1676 बूथों में सिर्फ दस फीसदी बूथ ऐसे रहे जहां छह बजे तक मतदान खत्म हो गया। अधिकांश बूथों में मतदान रात आठ बजे तक चलता रहा। इसी तरह खिलारा प्राथमिक विद्यालय के बूथ में रात करीब साढ़े दस बजे तक मतदान होता रहा। देररात तक मतदान होने की वजह से यहां मतपेटिका भी सील नहीं हो पा रही थी। रात करीब दो बजे मतपेटिका सील होने के बाद पोलिंग पार्टी ब्लॉक लेकर रवाना हुई। इसी तरह संभावना जताई जा रही थी कि 700-800 मतदाता वाले बूथों में अत्यधिक विलंब होगा। पूरे जनपद में इतने मतदाताओं वाले कुल 284 बूथ थे। इन्हीं बूथों में सबसे अधिक विलंब हुआ। मऊरानीपुर के तीन एवं गुरसराय ब्लॉक के एक मतदान केंद्र में रात के साढ़े ग्यारह बजे तक मतदान होता रहा। पूरे जनपद से करीब अस्सी फीसद पोलिंग पार्टियां रात बारह बजे के करीब ब्लॉक में पहुंची। यहां मतपेटिका जमा कराने के लिए मतदानकर्मियों को लाइन लगानी पड़ी। कई पोलिंग पार्टियों के कागज दुरूस्त नहीं थे। ब्लॉक मेें पहुंचने पर उनके कागज ठीक कराए गए। उसके बाद मतपेटिका जमा हुई। बंगरा, बड़ागांव, चिरगांव, मऊरानीपुर, मोंठ, गुरसराय, बामौर, बंगरा में सुबह करीब पांच बजे तक मतपेटिका जमा कराने का काम चलता रहा। इस दौरान यहां कई उम्मीदवारों के साथ ही उनके समर्थक भी डटे रहे।
स्ट्रांग रूम में सील की गई मतपेटिकाएं
ब्लॉकों में मतपेटिकाएं जमा कराए जाने के बाद उनको वहीं बनाए गए स्ट्रांग रूम में सील कर दिया गया। ब्लॉकों में ही मतपेटिकाओं को रखवाने की व्यवस्था की गई थी। सभी केंद्रों से मतपेटिकाओं के पहुंचने के बाद भोर में ही अधिकारियों की मौजूदगी में स्ट्रांग रूम सील किए गए। स्ट्रांग रूम को सील किए जाने के दौरान जिपं उम्मीदवार समेत कई ग्राम प्रधान उम्मीदवार भी थे। बीडीओ समेत एसडीएम एवं अन्य अधिकारियों की मौजूदगी में इनको सील किया गया।