झांसी। सद्गुरु ऋतेश्वर महाराज ने कहा कि उन्हें विश्वास है कि श्रीकृष्ण जन्मभूमि विवाद का समाधान 500 दिनों के भीतर निकल आएगा। उन्होंने कहा कि अयोध्या में श्रीराम मंदिर बनने में 500 वर्ष लगे लेकिन श्रीकृष्ण जन्मभूमि के मामले में इतना लंबा इंतजार नहीं करना पड़ेगा। उन्होंने कहा कि इस मुद्दे पर न्यायालय, संविधान और लोकतांत्रिक व्यवस्था पर पूरा भरोसा है।
रविवार को झांसी आगमन पर सर्किट हाउस में पत्रकारों से बातचीत के दौरान संतों द्वारा श्रीकृष्ण जन्मभूमि पर कारसेवा के आह्वान संबंधी प्रश्न पर उन्होंने कहा कि कारसेवा होनी चाहिए।
नीट प्रश्नपत्र लीक मामले को लेकर हुए छात्र आंदोलनों पर उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में विरोध और अपनी बात रखने का अधिकार सभी को है। उन्होंने कहा कि छात्रों की मांगों को गंभीरता से लिया गया है और शिक्षा मंत्री ने नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए इस्तीफा भी दिया। हालांकि, उन्होंने यह भी कहा कि ऐसे आंदोलनों में कुछ भारत-विरोधी और सनातन-विरोधी तत्व भी शामिल हो जाते हैं। छात्रों को ऐसे लोगों से सतर्क रहना चाहिए।
उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में हर वर्ग को अपनी बात रखने का अधिकार है, लेकिन यदि कोई राष्ट्रविरोधी गतिविधियों में शामिल होगा तो उसके खिलाफ कानून के अनुसार कठोर कार्रवाई होनी चाहिए। विदेशी फंडिंग और उससे जुड़े मामलों का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि सरकार इस दिशा में भी कदम उठा रही है।
यूजीसी से जुड़े प्रस्तावित विधेयक के संबंध में उन्होंने कहा कि शिक्षा व्यवस्था में जाति, पंथ या वर्ग के आधार पर भेदभाव नहीं होना चाहिए। सरकार का दायित्व है कि वंचित वर्गों को आगे बढ़ाने का प्रयास करे।
राम मंदिर चढ़ावा चोरी प्रकरण पर उन्होंने कहा कि केंद्र और राज्य सरकार की नीयत पर उन्हें कोई संदेह नहीं है। उनके अनुसार, धर्म के नाम पर भ्रष्टाचार या अनियमितता करने वालों के खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए और दोषियों को सजा मिलनी चाहिए।
''योगी में प्रधानमंत्री बनने की पूरी क्षमता''
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के संबंध में पूछे गए प्रश्न पर सद्गुरु ऋतेश्वर महाराज ने कहा कि उन्होंने संत और प्रशासक दोनों भूमिकाओं में अपनी कार्यशैली से अलग पहचान बनाई है। उनके अनुसार, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ में प्रधानमंत्री बनने की पूरी क्षमता है। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश में कानून-व्यवस्था बेहतर होने से विकास का वातावरण बना है और लोग स्वयं को अधिक सुरक्षित महसूस कर रहे हैं।