अमर उजाला ब्यूरो
झांसी। पुलिस ने बुधवार को बड़ागांव थाना क्षेत्र में नकली देसी शराब बनाने की फैक्टरी पकड़ी थी। यहां बनने वाली शराब की मोंठ की लाइसेंसी दुकान में बिक्री होते पाई गई थी। इस पर दुकान को आबकारी विभाग ने सील कर दिया है। इसके अलावा अन्य दुकानों की भी जांच शुरू कर दी गई है। शराब के नमूने लिए जा रहे हैं, जिनकी जांच कराई जाएगी।
बड़ागांव के बराठा में एक मकान में नकली देसी शराब बनाने की फैक्टरी पकड़ी गई थी। जांच में सामने आया था कि यहां बन रही शराब मोंठ की एक लाइसेंसी दुकान पर बेची जा रही है। इस मामले में प्रदेश के आबकारी मंत्री ने यहां रह चुके आबकारी निरीक्षक शिशुपाल सिंह को निलंबित कर दिया था। मौजूदा समय में इनकी तैनाती अलीगढ़ में है। इसके बाद अब आबकारी विभाग की ओर से नकली शराब बेचने के मामले में मोंठ की लाइसेंसी दुकान को सील कर दिया है। जिला आबकारी अधिकारी मनीष कुमार ने बताया कि जिले की देसी शराब की सभी दुकानों की जांच शुरू कर दी गई है। दुकानों से शराब के नमूने लिए जा रहे हैं, जिन्हें जांच के लिए प्रयोगशाला भेजा जाएगा। इसमें घालमेल सामने आने पर संबंधितों के खिलाफ कार्रवाई होगी।
सरपरस्ती में चल रहा है अवैध शराब का खेल
झांसी में नकली शराब बनाने की फैक्टरी पकड़े जाने और इसके लिए जिम्मेदार मानते हुए तत्कालीन आबकारी निरीक्षक को निलंबित किए जाने से जाहिर है कि यहां अवैध शराब का खेल विभागीय सरपरस्ती में चल रहा है। इसी का नतीजा है कि यहां महानगर में खुलेआम कच्ची शराब के अड्डे संचालित हो रहे हैं। इसके अलावा गांव-गांव में धड़ल्ले से इसकी बिक्री हो रही है। बावजूद, रोकथाम के कारगर उपाय नहीं किए जा रहे हैं। वहीं, इस बारे में जिला आबकारी अधिकारी ने बताया कि कच्ची शराब के अड्डों पर लगातार दबिशें दी जा रहीं हैं। आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई जारी है।