झांसी। नगर के चर्चित नीलू हत्याकांड में नामजद अभियुक्त की मंगलवार
पूर्वाह्न रेलवे अस्पताल में गोली मारकर हत्या कर दी गई। हत्या के बाद
अभियुक्त मौके पर तमंचा फेंक कर भाग गए। दुस्साहसिक तरीके से हुई इस घटना
के बाद जमकर हंगामा हुआ। मृतक पक्ष के लोगों ने आरोपियों के घरों पर पथराव
किया। इस पर वह घरों पर ताला लगाकर भाग गए। तनाव को देखते हुए मौके पर भारी
संख्या में पुलिस व पीएसी तैनात कर दी गई है। हत्या के इस मामले में पांच
लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया गया है।
नवाबाद थाना क्षेत्र के
आंतिया तालाब स्थित गायत्री मंदिर के पीछे निवासी केशव प्रसाद उर्फ संजीव
वाल्मीकि (44) पुत्र जानकी प्रसाद रेलवे अस्पताल में ड्रेसर के पद पर
कार्यरत था। वर्ष 2011 में मुहल्ले में रहने वाले नीलू वाल्मीकि की हत्या
के मामले में नामजद चार आरोपियों में केशव का भी नाम था। इस हत्याकांड में
केशव आठ माह जेल में रहा था। जमानत पर छूटने के बाद उसने अस्पताल में नौकरी
ज्वाइन कर ली थी। मंगलवार को वह पूर्वाह्न करीब साढ़े ग्यारह बजे रेलवे
अस्पताल के कमरा नंबर चार में सफाई महिला कर्मी कोमल के पैर पर प्लास्टर
चढ़ाने के बाद बाहर निकला। इसी दौरान वहां बेंच पर बैठे दो युवक अचानक उठे
और केशव से मारपीट करने लगे। केशव संभल पाता, इससे पहले ही एक युवक ने
तमंचा से गोली चला दी। वहीं दूसरे युवक ने चाकू से हमला किया। गोली केशव के
सीने में लगी, जिससे वह मौके पर ही गिर गया। वारदात को अंजाम देने के बाद
आरोपी तमंचे को मौके पर ही फेंकने के बाद अस्पताल से बाहर पहले से साथियों
द्वारा स्टार्ट बाइकों पर बैठकर भाग गए। हालांकि, मुख्य द्वार के पास
मौजूद लोगों ने आरोपियों को पकड़ने का प्रयास किया, मगर सफलता नहीं मिली।
इधर, गोली चलने व फर्श पर तड़पते कर्मचारी को देख अस्पताल में अफरा- तफरी
मच गई। आनन- फानन में केशव को आईसीयू में ले जाया गया, जहां चिकित्सकों ने
परीक्षण उपरांत उसे मृत घोषित कर दिया।
घटना की खबर लगते ही आरपीएफ
कमांडेंट आशीष मिश्रा, एसएसपी किरण एस, सीओ सिटी कल्याण सिंह, सीओ रेलवे
सुरेंद्र कुमार, सहायक सुरक्षा आयुक्त मुन्नालाल, नवाबाद इंस्पेक्टर रामभजन
सिंह, जीआरपी थाना प्रभारी आर सी मिश्रा, आरपीएफ इंस्पेक्टर राजीव
उपाध्याय समेत कई थानों की पुलिस मौके पर पहुंच गई। पुलिस अभी जांच ही कर
रही थी कि घटना से नाराज मृतक के परिवार के लोगों ने गायत्री मंदिर के पास
विपक्षियों के घरों पर पथराव शुरू कर दिया। इससे मुहल्ले में दहशत फैल गई।
आरोपी पक्ष के परिजन अपने घरों में ताला डालकर भाग गए। सूचना पर काफी
संख्या में पुलिस बल मौके पर पहुंच गया। पुलिस ने स्थिति को संभाला।
इस
मामले में चाचा मनमोहन की तहरीर पर मुहल्ला निवासी जयसिंह पुत्र प्रदीप,
राजू कुमार उर्फ राजू बाबा, रवि व बलवीर पुत्रगण राजू बाबा और रंजीत पुत्र
अजीत के खिलाफ नवाबाद थाने में मुकदमा दर्ज कराया गया है।
बरामद तमंचे से नहीं चली गोली
पुलिस
ने घटनास्थल से एक तमंचा बरामद किया। पुलिस का कहना है कि बरामद तमंचे से
गोली नहीं चलाई गई। आरोपियों ने जिस तमंचे से गोली चलाई वह अपने साथ ले गए।
पुलिस ने अस्पताल परिसर से खोखा भी बरामद किया।
जब्त किए सीसीटीवी कैमरे फुटेज
रेलवे
अस्पताल में सुरक्षा की दृष्टि से सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं लेकिन फुटेज
की जांच के दौरान आरोपियों के चेहरे नहीं आ सके। दरअसल, जिस जगह कैमरा लगा
था, उसके सामने एक बैनर लटका हुआ था, जिससे आरोपी नजर नहीं आ सके। वहीं,
मौके पर पहुंची फोरेंसिक टीम ने घटनास्थल से एक टूटा हुआ बटन बरामद किया।
पुलिस के अनुसार झगड़े के दौरान एक आरोपी की शर्ट का बटन टूटकर मौके पर गिर
गया होगा।
चार साल पहले हुआ था नीलू हत्याकांड
तीन जून 2011
को आंतिया तालाब के गायत्री मंदिर के पीछे वाल्मीकि मुहल्ले में रहने वाले
नीलू का मृतक केशव प्रसाद के परिवार से किसी बात को लेकर विवाद हो गया था।
इस पर नीलू के साथ मारपीट की गई थी। बाद में नीलू का शव सात जून 2011 को
ग्वालियर के निकट पड़ा मिला था। नीलू की गाड़ी से कुचलकर हत्या की गई थी।
इसके बाद पुलिस ने मृतक नीलू के पिता प्रदीप कुमार की तहरीर पर केशव
प्रसाद, उसके भाई सतीश, हरवंश व उमाशंकर के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज कर
लिया था। तब से ही दोनों परिवारों में रंजिश चली आ रही है। नीलू के पिता
प्रदीप भी रेलवे अस्पताल में सफाई कर्मी थे. जो पिछले साल सेवानिवृत्त हो
गए।