संवाद न्यूज एजेंसी
झांसी। जिला अस्पताल की उम्मीदों काे शासन से तगड़ा झटका लगा है। बीते एक साल से जिला अस्पताल प्रशासन डिप्लोमेटिक नेशनल बोर्ड द्वारा एमडी और एमएस की पढ़ाई शुरू करने के लिए मिलने वाली मान्यता प्राप्त करने के प्रयास कर रहा था लेकिन, शासन से चिकित्सकों के ट्रांसफर के आदेश आए और सारी व्यवस्था शून्य हो गई। स्थानांतरण के साथ ही जिला अस्पताल बोर्ड के मानकों से बाहर हो गया है।
एमबीबीएस डॉक्टर का सपना डिप्लोमेटिक नेशनल बोर्ड से मेडिसन या सर्जरी में डिग्री लेने का होता है। इस बोर्ड ने उत्तर प्रदेश सरकार से अनुबंध किया है। बोर्ड ने झांसी जिला अस्पताल के हड्डी रोग विभाग में एमएस और एमडी कोर्स शुरू करने की अनुमति दी थी। वर्तमान सत्र से जिला अस्पताल में चिकित्सकों की पढ़ाई शुरू होनी थी। इस कोर्स में प्रवेश लेने वाले एमबीबीएस डॉक्टर को जिला अस्पताल के सीनियर एमएस डॉ. गोकुल प्रसाद और सीनियर एमएस डॉ. एसपी राजपूत को पढ़ाना था। यहां क्लास होने के बाद विद्यार्थियों की परीक्षा डिप्लोमेटिक नेशनल बोर्ड द्वारा आयोजित की जाती। लेकिन, कोर्स शुरू होने से पहले ही शासन के एक फरमान ने जिला अस्पताल को डीएनबी के अस्पतालों की सूची से बाहर कर दिया है। शासन ने डॉ. एसपी राजपूत का स्थानांतरण कर दिया है।
जिला अस्पताल के हड्डी रोग विभाग में ही दो नियमित चिकित्सक थे, जो छह साल से अधिक वरिष्ठ चिकित्सक के पद पर कार्यरत थे। लेकिन, इनमें से एक चिकित्सक का स्थानांतरण होने से पूरी व्यवस्था अटक गई है। अस्पताल अन्य विभाग में भी कोर्स शुरू करने की योजना बना रहा था लेकिन, वहां से भी चिकित्सकों के ट्रांसफर हो गए।
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इन विभागों में कोर्स शुरू करने की थी योजना
जिला अस्पताल में मेडिसिन, पीडियाट्रिक, रेडियोलॉजी, पैथोलॉजी, मनोचिकित्सा, स्किन, ईएनटी, नेत्र रोग विभाग संचालित हो रहे हैं। इन विभागों में भी मानक पूरे होने के बाद प्रवेश शुरू करने की योजना थी।
वर्जन
हड्डी रोग विभाग को डिप्लोमेटिक नेशनल बोर्ड से एमएस और एमडी कोर्स संचालित करने की अनुमति मिल गई थी। लेकिन, शासन के आदेश पर यहां के चिकित्सक का स्थानांतरण हो गया है। अब डीएनबी के मानक पूरे नहीं हो पा रहे हैं।
डॉ. पीके कटियार, मंडलीय प्रमुख चिकित्सा अधीक्षक, जिला अस्पताल।