सदर बाजार का शिव मंदिर। अमर उजाला
झांसी। सदर बाजार स्थित प्राचीन शिव मंदिर का इतिहास अनूठा है। यहां शिवजी की प्रतिमा की प्राण प्रतिष्ठा नहीं हुई थी, बल्कि मान्यता है कि शिवलिंग पीपल के पेड़ के नीचे भूमि में से प्रकट हुआ था। यही वजह है कि यह मंदिर दो शताब्दी से शिव भक्तों की आस्था का प्रमुख केंद्र बना हुआ है।
सदर बाजार के चौराहे पर स्थित शिव मंदिर पिछले दो सौ सालों से शिव भक्तों की आस्था का प्रमुख केंद्र बना हुआ है। मंदिर के इतिहास के अनुसार यहां शिवजी की प्रतिमा की स्थापना किसी के द्वारा नहीं की गई, बल्कि शिवलिंग विशाल पीपल के पेड़ के नीचे से स्वयं प्रकट हुए थे। श्रद्धालुओं को जब शिवजी के दर्शन हुए तो उन्होंने पूजन - अर्चन शुरू कर दिया। देखते ही देखते एक भव्य मंदिर का निर्माण हो गया। मंदिर में शिव परिवार के अलावा मां दुर्गा, हनुमान और भगवान राधा - कृष्ण की मूर्तियां विराजमान हैं।
पुजारी चंद्रप्रकाश गोस्वामी ने बताया कि शिवरात्रि पर हर साल मंदिर से शिवजी की भव्य बरात निकाली जाती है। इस बार 11 मार्च को शाम छह बजे बरात निकाली जाएगी, जो सदर बाजार का भ्रमण करेगी। जबकि, सुबह छह बजे शिवजी का अभिषेक होगा और पांच बजे श्री रामचरित मानस अखंड रामायण पाठ की शुरुआत होगी। पूजन-अर्चन का क्रम दिन भर जारी रहेगा।