झांसी। रेलवे स्टेशन से संचालित होने वाली ट्रेनों के कोचों को बाहर से धोने के लिए ऑटोमेटिक कोच वाशिंग प्लांट लगने जा रहा है। इस सिस्टम में ट्रेन धुलने के बाद चमकती हुई प्लेटफार्म पर खड़ी होगी। इस सुविधा से पानी की भी बचत होगी। बंगलूरू से आई कंपनी की टीम ने उक्त सिस्टम को लगाने के लिए डीजल शेड के पास बने कोच केयर सेंटर (पिट लाइन) का अवलोकन किया।
अभी झांसी रेलवे स्टेशन से चलने वाली ट्रेनों की प्रारंभिक मरम्मत के बाद साफ- सफाई और धुलाई वाशिंग साइडिंग (पिट लाइन) मैकेनाइज्ड मशीनों से होती है। मशीनों को चलाने के लिए ठेकेदार के कर्मचारी लगे हैं। मगर, रेल प्रशासन अब कोचों की साफ-सफाई व धुलाई के लिए ऑटोमेटिक कोच वाशिंग प्लांट लगाने जा रहा है। इस सिस्टम में प्रतिदिन 250 कोच को धोने की क्षमता है। ये 24 कोच के रैक को धोने में सात से आठ मिनट का समय लगाता है। अभी एक रैक (22 से 24 कोच
की ट्रेन) की सफाई में 12 हजार से 14 हजार लीटर पानी का उपयोग होता है। इस प्लांट में केवल छह हजार लीटर पानी की आवश्यकता होगी। इसमें चार हजार लीटर को रिसाइकल किया जा सकेगा। इस प्लांट में अलग- अलग दूरी पर मशीनें लगेंगी। झांसी रेलवे स्टेशन से प्रथम स्वतंत्रता संग्राम एक्सप्रेस, झांसी बांद्रा एक्सप्रेस, झांसी लखनऊ इंटरसिटी, झांसी- लखनऊ पैसेंजर, झांसी- कानपुर पैसेंजर, झांसी खजुराहो पैसेंजर, झांसी प्रयागराज पैसेंजर, झांसी बांदा पैसेंजर, झांसी आगरा पैसेंजर, झांसी बीना पैसेंजर, झांसी टीकमगढ़ पैसेंजर का संचालन होता है।