प्राथमिक विद्यालयों में सहायक अध्यापक बने शिक्षामित्रों का समायोजन
असंवैधानिक करार देने पर रविवार को शिक्षामित्रों का सैलाब सड़कों पर उतर
पड़ा। शिक्षामित्रों ने मौन जुलूस निकाला। बाद में शिक्षा भवन परिसर में
आयोजित सभा में शिक्षामित्र संयुक्त संघर्ष मोर्चा का गठन किया। इस दौरान
सोमवार को परिषदीय स्कूलों में तालाबंदी कर बीआरसी पर प्रदर्शन का आह्वान
किया गया।
उत्तर प्रदेश प्राथमिक शिक्षामित्र संघ व आदर्श शिक्षामित्र
वेलफेयर एसोसिएशन की संयुक्त सभा में प्रात: जनपद के विभिन्न क्षेत्रों से
महिला व पुरुष शिक्षामित्र बड़ी संख्या में जुटे। सभा में वक्ताओं ने कहा
कि शिक्षामित्र निर्णय के खिलाफ सर्वोच्च न्यायालय की शरण लेंगे।
वक्ताओं
ने शिक्षामित्रों व शिक्षकों से एकजुट होने का आह्वान किया। सभा के पश्चात
शिक्षामित्रों व शिक्षकों ने संयुक्त रूप से मौन जुलूस निकाला, जो कचहरी
चौराहा, जेल चौराहा से होते हुए इलाइट चौराहा पर पहुुंचा। यहां शांति पूर्ण
ढंग से प्रदर्शन कर वापस यथा स्थल पर पहुंचे। तत्पश्चात हुई सभा में सर्व
सम्मति से शिक्षामित्र संयुक्त संघर्ष मोर्चा का गठन कर दो प्रस्ताव पारित
किए गए, जिसमें सोमवार को परिषदीय स्कूलों की तालाबंदी कर अपने-अपने बीआरसी
पर प्रदर्शन एवं 15 सितंबर को जिलाधिकारी के माध्यम से राष्ट्रपति को
संबोधित ज्ञापन देना है। ज्ञापन में वह इच्छा मृत्यु की मांग करेंगे।
इस
दौरान मनोज यादव, दिलीप यादव, संजीव यादव, जगदीश यादव, राजीव पाठक, अरुण
अहिरवार, गंधर्व पाल, अख्तर अली, लक्ष्मण, राम निवास तिवारी, सुगर सिंह
यादव, वीरेंद्र श्रीवास्तव, बृजेंद्र राय, पंकज वर्मा, धर्मेंद्र सिंह,
जितेंद्र दीक्षित, संजीव तिवारी, मुकेश वर्मा, भारत भूषण राय, सुनील
पांडेय, नितिन चौरसिया, अनिल कौशिक, पुष्पेंद्र तिवारी, अरुण त्रिपाठी,
विष्णु दत्त पटैरिया, गोविंद सिंह, राम गोपाल, साहब सिंह, राकेश यादव, शौकत
अली, रजनीकांत, प्रेम चौधरी, विवेक यादव, आनंद समेले आदि मौजूद रहे। सभा
का संचालन राकेश नामदेव ने किया।