ललितपुर। फांसी लगाकर आत्महत्या करने वाले सीएमओ के ड्राइवर का नाम तीन साल पहले एक सैक्स रैकेट में आया था। इस मामले में उसे एक साल जेल में भी रहना पड़ा था। बाद में मामले से बरी हो गया था। इस घटना के बाद से ही राजकुमार कर्ज में डूबता गया था। आत्महत्या से पहले बनाए गए वीडियो में उसने पैसे की वसूली के लिए कुछ लोगों पर दबाव बनाने का जिक्र भी किया है।
राजकुमार का नाम तीन वर्ष पहले शहर के एक चर्चित सैक्स रैकेट कांड में आया था। 14 मई 2017 को एक व्यक्ति ने कोतवाली पुलिस को तहरीर देकर उसकी नाबालिग पुत्री के साथ लगातार ढाई साल तक दुष्कर्म करने और सैक्स रैकेट में फंसाने का आरोप लगाया था। इस रैकेट कांड की एक महिला संचालिका एवं एक पुलिस कर्मी समेत करीब बारह आरोपियों के नाम सामने आए थे, जिनके खिलाफ कोतवाली पुलिस ने किशोरी के साथ सामूहिक दुष्कर्म करने, षडयंत्र, लैंगिक अपराधों से बालकों का संरक्षण अधिनियम व धारा 3, 5, 6, अनैतिक व्यापार निवारण अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज किया था। इस मामले में वर्ष 2019 में न्यायालय द्वारा मुख्य संचालिका को आजीवन कारावास, तीन दोषियों को साठ-साठ वर्ष, एक पुलिस कर्मी समेत तीन दोषियों को तीस-तीस वर्ष एवं एक दोषी को दो वर्ष की सजा सुनाई गई थी। हालांकि, उक्त मामले में बीते रोज आत्महत्या करने वाले शख्स समेत बाकी आरोपियों को न्यायालय द्वारा साक्ष्य के अभाव में बरी कर दिया था। अब आत्महत्या करने वाले शख्स द्वारा बनाया गया वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। जिसमें उसने उस समय मदद करने के नाम एक मंत्री को बीस लाख रुपये देने के बाद भी मदद नहीं करने का आरोप लगाया है, जिससे वह एक साल जेल में रहा। इसके बाद उसने एक अन्य व्यक्ति पर भी बीस लाख रुपये लेने और एक व्यक्ति पर सैक्स रैकेट में फंसाने का आरोप लगाया। फिर उसने बताया कि दो व्यक्तियों पर वीडियो बनाने वाले दिन सुबह उससे पचास हजार रुपये मांगने का आरोप लगाया। वहीं, एक व्यक्ति पर बीस लाख रुपए लेने वाले अन्य व्यक्ति से मिलकर उसकी पत्नी से मकान भी अपने नाम कराने का आरोप लगाया। इसी वजह से वह परेशान चल रहा था। वीडियो में उसने स्पष्ट रुप से उक्त व्यक्तियों की वजह से परेशान होकर आत्महत्या करने और आरोपियों पर कार्रवाई की मांग करता दिख रहा है। जानकारों के अनुसार सैक्स रैकेट कांड में फंसने के बाद से राजकुमार कर्ज में डूबता जा रहा था।