झांसी में ड्राई फ्रूट कारोबारी जितेंद्र पटेल के मुंशी किशन पांचाल से 24.90 लाख रुपये की डकैती के मामले की जांच में कई नए तथ्य सामने आए हैं। पुलिस के अनुसार, जांच में खुलासा हुआ है कि सतना निवासी संस्कार तेजवानी और नितिन तेजवानी कारोबारी जितेंद्र पटेल को इस मामले में फंसाने की कोशिश कर रहे थे। वहीं, जांच के दौरान मुख्य साजिशकर्ता के रूप में सूर्यांश की भूमिका भी सामने आई।
पुलिस के मुताबिक, वारदात के तुरंत बाद किशन पांचाल ने कारोबारी जितेंद्र पटेल को फोन कर घटना की जानकारी दी। इसके कुछ देर बाद संस्कार तेजवानी ने जितेंद्र पटेल से संपर्क कर किशन पर ही 24.90 लाख रुपये हड़पने का आरोप लगाया और पूरी रकम वसूलने की बात कही। पुलिस का कहना है कि इन धमकियों के बाद जितेंद्र पटेल ने मुंशी किशन को पूरी घटना की जानकारी देने के लिए कोतवाली भेजा।
घटना के लगभग 24 घंटे बाद शुक्रवार शाम करीब पांच बजे किशन कोतवाली पहुंचा और पुलिस को पूरी जानकारी दी। इसके बाद पुलिस ने मामले की गहन जांच शुरू की। जांच में सामने आया कि किशन पांचाल सिर्फ जितेंद्र पटेल ही नहीं, बल्कि सतना निवासी संस्कार और नितिन तेजवानी के लिए भी रकम की वसूली का काम करता था। उसे प्रति एक लाख रुपये की वसूली पर 200 रुपये कमीशन मिलता था।
पुलिस के अनुसार, नितिन तेजवानी लोहे की जाली का कारोबार करता है। जांच में यह भी सामने आया कि सूर्यांश पर नितिन के 24.90 लाख रुपये बकाया थे। पुलिस का दावा है कि सट्टे में रकम हारने के कारण सूर्यांश पर यह देनदारी थी और इसी रकम से बचने के लिए डकैती की साजिश रची गई।
पुलिस का कहना है कि तकनीकी साक्ष्यों, पूछताछ और विभिन्न कड़ियों को जोड़ने पर मुख्य साजिशकर्ता के रूप में सूर्यांश का नाम सामने आया। मामले में फरार आरोपियों की तलाश जारी है।
वर्दी का सहारा लेकर रकम हड़पने की रची गई थी साजिश
ड्राई फ्रूट कारोबारी के मुंशी किशन पांचाल से 24.90 लाख रुपये की डकैती के मामले में पुलिस जांच में कई अहम खुलासे हुए हैं। पुलिस का दावा है कि सट्टे में बड़ी रकम हारने के बाद आरोपी सूर्यांश यादव ने रकम लौटाने से बचने के लिए पूरी वारदात की साजिश रची। इस साजिश में उसने अपने मौसेरे भाई समेत तीन पुलिसकर्मियों और अन्य साथियों को शामिल किया।
पुलिस के अनुसार, खुशीपुरा निवासी सूर्यांश यादव अपने पिता बृजेंद्र सिंह के साथ ट्रैवल्स का कारोबार करता है। वह लंबे समय से सट्टा खेलता था। जांच में सामने आया कि करीब 15 दिन पहले उसने सट्टे में 18 लाख रुपये जीते थे। यह रकम सतना निवासी नितिन तेजवानी और संस्कार तेजवानी के माध्यम से उसे मिली थी।
इसके बाद उसने बड़े दांव लगाने शुरू किए लेकिन कुछ ही दिनों बाद 24.90 लाख रुपये हार गया। पुलिस का कहना है कि नितिन तेजवानी लगातार उससे अपनी रकम मांग रहा था। इसी रकम को लौटाने से बचने के लिए सूर्यांश ने अपने मौसेरे भाई अंकित यादव के साथ मिलकर डकैती की योजना बनाई।
पुलिस के मुताबिक, साजिश में जालौन पुलिस लाइन में तैनात सिपाही राघवेंद्र राजपूत, मनोज कुमार और नीरज राजपूत के अलावा गौरव, सुखबीर सिंह और सूरज सिंह को भी शामिल किया गया। वारदात से पहले सूर्यांश झांसी से बाहर चला गया और 9 जुलाई को उसने संस्कार तेजवानी को फोन कर भुगतान तैयार होने की सूचना दी।
इसके बाद मुंशी किशन पांचाल अपने साथी किशन कुमार के साथ स्कूटी से सूर्यांश के घर पहुंचा और वहां से रुपये से भरा बैग लेकर निकला। पुलिस के अनुसार, पहले से घात लगाए आरोपी मिनर्वा चौराहे के पास पुलिस की वर्दी पहनकर पहुंचे और दोनों को जबरन क्रेटा कार में बैठा लिया। आरोप है कि करीब ढाई घंटे तक उन्हें विभिन्न स्थानों पर घुमाने के बाद कानपुर बाईपास स्थित सखी के हनुमान मंदिर के पास रुपये से भरा बैग छीन लिया गया और दोनों को वहीं छोड़कर आरोपी फरार हो गए।
पुलिस का दावा है कि लूटी गई रकम अंकित यादव के माध्यम से सूर्यांश तक पहुंचाई गई। जांच में यह भी सामने आया कि वारदात में शामिल सिपाहियों को एक-एक लाख रुपये देने का वादा किया गया था। एसएसपी बीबी जीटीएस मूर्ति ने बताया कि अंकित यादव, नितिन तेजवानी और संस्कार तेजवानी अभी फरार हैं। उनकी तलाश की जा रही है।
वृंदावन जाने के बहाने ली थी क्रेटा कार
पुलिस के अनुसार, वारदात में इस्तेमाल की गई क्रेटा कार की व्यवस्था भी सूर्यांश ने ही कराई थी। यह कार रक्सा निवासी एक युवती के नाम पर पंजीकृत है। आरोपियों ने वृंदावन जाने का बहाना बनाकर कार ली और अपनी फॉर्च्यूनर कार उसके पास छोड़ दी थी। क्रेटा को गौरव चला रहा था। पुलिस से बचने के लिए कार पर पुलिस का स्टीकर भी लगा दिया गया था।
पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज खंगालने पर सबसे पहले इसी क्रेटा कार की पहचान की। इसके बाद जांच की कड़ियां जुड़ती चली गईं। पूछताछ में यह भी सामने आया कि मुंशी किशन पांचाल रुपये लेकर सूर्यांश के घर से निकला था। जब पुलिस सूर्यांश के घर पहुंची तो वह फरार मिला और उसका मोबाइल भी बंद था। इसके बाद उस पर पुलिस का शक और गहरा हो गया।
पुलिस टीम को 25 हजार का इनाम देने का एलान
डकैती कांड का खुलासा करने वाली पुलिस टीम को एसएसपी बीबी जीटीएस मूर्ति ने 25 हजार रुपये का इनाम देने का एलान किया है। एसएसपी के मुताबिक मुंशी किशन की ओर से सूचना दिए जाने के तुरंत बाद पुलिस टीम सक्रिय हो गई। दबिश देने के साथ ही पुलिस टीम ने सीसीटीवी कैमरों को खंगाला।
इसके बाद मुख्य आरोपी सूर्यांश एवं राघवेंद्र का पता लग सका। एसएसपी के मुताबिक वांछित आरोपियों की तलाश में पुलिस टीम को सतना भी भेजा जाएगा। सट्टा कारोबारियों के साथ ही हवाला का काम करने वालों का भी पुलिस पता लगा रही है।