संवाद न्यूज एजेंसी
झांसी। आत्महत्या के लिए दुष्प्रेरित करने के मामले में दोषी पत्नी और बुआ सास को अपर सत्र न्यायाधीश गरौठा राकेश वर्मा के न्यायालय ने सात वर्ष के कठोर कारावास और 10 हजार रुपये जुर्माना की सजा सुनाई।
अभियोजन पक्ष के अनुसार, ग्राम बंगरा निवासी वादी टउ ने थाना गरौठा में 21 मार्च 2012 को रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि 20 मार्च 2012 को मेरा पुत्र प्रतिपाल खेत से घर लौटा। पत्नी मालती से खाना बनाने को लेकर विवाद हो गया। तभी बहू की बुआ पार्वती पत्नी सुल्टे अहिरवार ने भी आकर अपनी भतीजी का पक्ष लिया। कुछ देर बाद पुत्र प्रतिपाल खेत पर चला गया तो बहू और उसकी बुआ पार्वती ने खेत पर जाकर झगड़ा किया और जहर खाने के लिए प्रेरित किया।
आवेश में आकर प्रतिपाल अहिरवार ने डाई (जहर) का सेवन कर लिया। उपचार के लिए अस्पताल ले जाते समय रास्ते में दम तोड़ दिया। पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर विवेचना के बाद आरोपपत्र न्यायालय में पेश किया। दोष सिद्ध होने पर पत्नी मालती और पार्वती पत्नी सुल्टे को सजा सुनाई गई।