झांसी। रेल स्टेशनों की सफाई, पार्सल समेत अन्य तमाम कई सुविधाओं को निजी एजेंसियों को सौंपने के बाद अब रेल प्रशासन धीरे-धीरे टिकट काउंटरों का संचालन निजी हाथों में देने की तैयारी में है। देश भर में लागू किए जा रहे पायलट प्रोजेक्ट में झांसी मंडल के सात स्टेशन शामिल किए गए हैं। इसके लिए टेंडर प्रक्रिया आरंभ की गई है। जल्द इन स्टेशनों पर वेंडर अपना काम शुरू कर देंगे।
अभी रेलवे स्टेशनों की टिकट विंडो से रेल कर्मचारी ही काउंटर टिकट देते हैं। आने वाले समय में यह पूरा काम निजी एजेंसियों को सौंपने की तैयारी है। पायलट प्रोजेक्ट के तहत इसे देश भर में लागू किया जा रहा है। इसके तहत सबसे पहले एनएसजी-4 श्रेणी के स्टेशन चुने गए हैं। झांसी रेल मंडल में इस श्रेणी के अंतर्गत ललितपुर, डबरा, दतिया, उरई, महोबा, खजुराहो एवं चित्रकूट धाम स्टेशन शामिल हैं। इन स्टेशनों में एसटीबीए (स्टेशन टिकट बुकिंग एजेंट) के तहत टिकट बिक्री का काम एजेंट करेंगे। इनके लिए टेंडर प्रक्रिया आरंभ हो चुकी है। रेल अफसरों के मुताबिक टिकट काउंटर से एक लाख रुपये तक टिकट बेचने पर एजेंसियों को निश्चित कमीशन दिया जाएगा जबकि एक लाख रुपये से अधिक टिकट बेंचने पर जो सबसे कम दर मांगेगा, यह काम उस एजेंसी को दिया जाएगा। वहीं, जनसंपर्क अधिकारी मनोज कुमार सिंह का कहना है कि इन स्टेशनों में टिकट बुकिंग एजेंट तैनात किए जाएंगे।