न्यायालय विशेष न्यायाधीश एससी /एसटी (अत्याचार निवारण) अधिनियम शक्तिपुत्र तोमर की अदालत ने नाबालिग लड़की के अपहरण व दुष्कर्म का आरोप सिद्ध होने पर अभियुक्त को 10 साल के कारावास की सजा सुनाई। अदालत ने 12 साल पुराने मामले में फैसला सुनाया।
विशेष लोक अभियोजक केशवेंद्र प्रताप सिंह व कपिल करौलिया ने बताया कि एक व्यक्ति ने उल्दन थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई थी, जिसमें बताया था कि 22 दिसंबर 2010 को उसकी कक्षा दस में पढ़ने वाली 14 साल की बेटी को उल्दन निवासी युवक भूपत रजक उर्फ भूपेंद्र भगा ले गया। बाद में बरामद हुई किशोरी ने बताया था कि उसे गांव से ले जाकर दिल्ली में रखा गया था।
वहां उसके साथ जान से मारने की धमकी देेते हुए दुष्कर्म की घटना को अंजाम दिया था। आरोपी ने डरा धमकाकर उसके जेवरात व नकदी भी छीन ली थी। पुलिस ने आरोपी के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर आरोप पत्र न्यायालय में प्रस्तुत किया था। मामले में अदालत ने अन्य धाराओं में भी सजा सुनाई। इसके अलावा दस हजार रुपये अर्थदंड भी लगाया।