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सात समंदर पार से आए मेहमान पक्षियों से गुलजार हुए तालाब और नदियां

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सात समंदर पार से आए मेहमान पक्षियों से गुलजार हुए तालाब और नदियां की खबर में .... पहुज नदी में आये मे?
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झांसी। सर्दी का मौसम शुरू होते ही विदेशी पक्षियों का आना शुरू हो जाता है। सात समंदर पार से आए मेहमान पक्षियों ने शहर के तालाबों, पोखरों व नदियों को अपना ठिकाना बना कर लिया है। इससे शहर की नदियां और तालाब गुलजार हो गए हैं। यह पक्षी हजारों मील की उड़ान तय कर आते हैं।
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ठंड का प्रकोप अधिक होते ही यूरोप, साइबेरियन, कजाकिस्तान, रूस और मंगोल देशों में तापमान शून्य के काफी नीचे चला जाता है। जिसके चलते आसमान से आफत के रूप में बर्फ गिरने लगती है। जिसके चलते वहां पर जनजीवन अस्त व्यस्त हो जाता है। तापमान में गिरावट होने के कारण वहां के पक्षी भारत की ओर रुख कर लेते है। इससे 15 नवंबर से ही विदेशी पक्षियों के झुंडों का भारत आना शुरू हो जाता है। इन पक्षियों में साइबेरियन क्रेन, ब्लैक हैडिड गूल, सिलिंडर हेडिड गूल, पुस्पेड डक, पोचार्ड, गूज व विजिटिंग डक सहित कई पक्षियों का आना होता है। यह पक्षी चार महीने तक भारत में ठहरते हैं। इस दौरान ये परिंदे जोड़ों में आते हैं व प्रजनन प्रक्रिया को अंजाम देते हैं और बच्चे के जन्म के बाद अपने बच्चों के साथ ही 15 मार्च तक विदेश वापसी का रुख करते हैं।
इस संबंध में डीएफओ वीके मिश्रा ने बताया कि कई देशों में पारा शून्य से भी कम होने के कारण हर साल सर्दियों के मौसम में विदेशी पक्षियों के आने की शुरूआत हो जाती है। जिसके चलते शहर के कई तालाबों व नदियों में विदेशी पक्षियों के झुंड देखे जाने लगे हैं।
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दस फीसदी हो जाते हैं शिकार
इन पक्षियों की तासीर गर्म होने के कारण शिकार करने वाले भी सक्रिय हो जाते हैं। निगरानी की कमी होने के कारण लगभग दस फीसदी पक्षियों का शिकार कर लिया जाता है। हालांकि इन पक्षियों के शिकार पर पूरी तरह से पाबंदी है।
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