झांसी। अटल मिशन फॉर रिजूवेशन एंड अर्बन ट्रांसफॉर्मेशन (अमृत) के तहत महानगर को पेयजल उपलब्ध कराने के लिए साढ़े सात सौ करोड़ का प्लान तैयार किया गया है। इससे महानगर में चौबीस घंटे पेयजल उपलब्धता सुनिश्चित करने की योजना है।
महानगर में पानी की समस्या विकराल है। शहर के कई हिस्सों में पाइप लाइन न होने की वजह से वहां की आबादी पूरी तरह से पाताली जल पर निर्भर है। लेकिन, गर्मी में भूमिगत जल के नीचे जाने की वजह से हाहाकार की स्थिति पैदा हो जाती है। ऐसे इलाकों में टैंकरों के माध्यम से जलापूर्ति की जाती है।
इस समस्या के समाधान के लिए जल निगम द्वारा अमृत मिशन के तहत विस्तृत कार्ययोजना तैयार की गई है। योजना के तहत नगर में रोजाना 275 एमएलडी पानी की उपलब्धता सुनिश्चित की जाएगी। जबकि, अभी नगर में 145 एमएलडी पानी की आपूर्ति की जाती है। अभी महानगर सोलह जोन में बंटा है, उक्त योजना के तहत नगर को 28 जोन में बांटा जाएगा।
प्रत्येक जोन में एक ओवर हेड टैंक की स्थापना होगा, जिनके माध्यम से संबंधित क्षेत्रों में जलापूर्ति की जाएगी। इतना ही नहीं, इस योजना में महानगर के उन 15 गांवों को शामिल किया गया है, जिनमें अभी पाइप पेयजल योजना नहीं पहुंची है। इन क्षेत्रों में नई पाइप लाइन बिछाई जाएगी। इसके अलावा नगर की पुरानी पाइप लाइन को भी आवश्यकतानुसार बदला जाएगा। योजना में प्लास्टिक पाइप लाइन को जगह नहीं दी जाएगी।
मालूम हो कि अटल मिशन फॉर रिजूवेशन एंड अर्बन ट्रांसफॉर्मेशन के तहत प्रथम चरण में जलापूर्ति पर फोकस है। इसमें खासतौर पर उन नगरों को प्राथमिकता दी जा रही है, जिनका चयन स्मार्ट सिटी मिशन योजना के तहत किया गया है। यही वजह है कि जल निगम की उक्त योजना को जल्द मंजूरी मिलने की संभावना है।
‘अटल मिशन के तहत महानगर की पेयजल योजना के पुनर्गठन की योजना बनाई गई है। इसमें चौबीस घंटे पानी की उपलब्धता सुनिश्चित करने की तैयारी हैैै।’
- राजेश मित्तल, मुख्य अभियंता - जल निगम