झांसी। उप्र. अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति आयोग को कूटरचित जांच आख्या भेजने के गंभीर आरोप आरएचईओ व बिपिन बिहार कॉलेज के एसोसिएट प्रोफेसर पर लगे है। इस पर शासन ने शामली के राजकीय महिला स्नातकोत्तर महाविद्यालय के प्राचार्य को 16 जून को स्थलीय जांच के आदेश दिए हैं।
बुंदेलखंड यूनिवर्सिटी एससी-एसटी एक्ट वेलफेयर एसोसिएशन अध्यक्ष प्रो. बृजेंद्र सिंह बौद्ध का आरोप है कि एसोसिएशन के महामंत्री का उत्पीड़न व प्रताड़ित करने की शिकायत आयोग से की गई थी। आयोग ने जांच के आदेश दिए। क्षेत्रीय उच्च शिक्षा अधिकारी (आरएचईओ) डॉ. सुशील बाबू ने तीन सदस्यीय जांच कमेटी गठित की। कमेटी की ओर से उपलब्ध कराई जांच आख्या को आरएचईओ ने आयोग को भेजी। जिस पर प्रो. बौद्ध ने आपत्ति जताते हुए कूटरचित होने के गंभीर आरोप लगाए। इस पर शासन ने महाविद्यालय शामली के प्राचार्य डॉ. अतुल शर्मा को 16 जून को झांसी में उपस्थित होकर स्थलीय जांच के आदेश दिए है। यह जांच आरएचईओ और बिपिन बिहारी महाविद्यालय के एसोसिएशन प्रो. सत्य प्रकाश गुप्ता के खिलाफ होगी। इसके लिए अतर्रा पोस्ट ग्रेजुएट कॉलेज के प्राचार्य डॉ. जीपी शुक्ला, राजकीय महाविद्यालय कोंच के प्रो. मनीष वर्मा, वीएमएल राजकीय महाविद्यालय के डॉ. एसएस कुशवाहा, प्रो. सत्य प्रकाश गुप्ता, प्रो. बृजेंद्र सिंह बौद्ध व डॉ. सुशील बाबू को जांच के लिए बुलाया गया है। वहीं, आरएचईओ डॉ. सुशील बाबू का कहना है कि मुझे मौखिक पता चला है कि कूचरचित आख्या भेजने के मामले की जांच 16 जून को होनी है। इसके बाबत कोई पत्र नहीं मिला है। यदि जांच के लिए बुलाया जाएगा तो साक्ष्य लेकर जाएंगे।