भाजपा से जुड़े कारोबारी अनूप अग्रवाल को बुधवार को मध्य प्रदेश पुलिस ने स्थानीय पुलिस को सूचना दिए बगैर एक होटल से दो अन्य लोगों के साथ उठा लिया। एमपी पुलिस द्वारा सादा वर्दी में गोपनीय ढंग से की गई इस कार्रवाई से लोगों को उनके अपहरण की आशंका हुई, इससे शहर में सनसनी फैल गई।
हरकत में आई पुलिस ने नाकाबंदी कर ललितपुर में एमपी पुलिस को रोक लिया। शाम को अनूप अग्रवाल को छोड़ दिया गया। जबकि, बाकी दो लोगों को पुलिस अपने साथ ले गई। उन्हें पुलिस एक बहुमूल्य पेंटिंग की चोरी के मामले में अपने साथ ले गई है।
बुधवार की दोपहर शहर में तेजी से चर्चा दौड़ गई की भाजपा से जुड़े कारोबारी अनूप अग्रवाल का अपहरण हो गया है। इस पर परिजन सक्रिय हो गए और उन्होंने इसकी सूचना पुलिस को दी।
विधायक रवि शर्मा ने तत्काल इस संबंध में एसएसपी से संपर्क साधा। इस पर नाकाबंदी शुरू कर दी गई और आसपास के जनपदों की पुलिस को भी अलर्ट कर दिया गया। ललितपुर की बांसी चौकी पुलिस ने मुख्य मार्ग पर एमपी पुलिस की गाड़ी को रोक लिया, जिसमें अनूप अग्रवाल भी मौजूद थे। ललितपुर पुलिस ने इसकी सूचना झांसी पुलिस को दी। तब कहीं जाकर सभी ने राहत की सांस ली। शाम को एमपी पुलिस ने अनूप अग्रवाल को छोड़ दिया। जबकि, उनके साथ पकड़े गए उनके साले प्रवीण अग्रवाल और एक अन्य व्यक्ति को एमपी पुलिस अपने साथ ले गई।
ललितपुर के एसपी सलमान पाटिल ने बताया कि कंट्रोल रूप पर आई अपहरण की सूचना पर चेकिंग की गई थी, जिसमें अनूप अग्रवाल की गाड़ी को रोक लिया गया था। अनूप अग्रवाल को मूर्ति चोरी के मामले में मध्यप्रदेश पुलिस ने उठाया, यह जानकारी होने पर उन्हें जाने दिया।