फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

चित्रों के माध्यम से स्वच्छता, कन्या भ्रूण हत्या रोकने का संदेश

विज्ञापन
aprajita - फोटो : amarujala
विज्ञापन
अमर उजाला के नारी गरिमा के साझा संकल्प अपराजिता 100 मिलियन स्माइल के तहत बृहस्पतिवार को महरौनी स्थित राजकीय बालिका इंटर कॉलेज में चित्रकला प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। छात्राओं ने चित्रों के माध्यम से स्वच्छता और पर्यावरण व कन्या भ्रूण हत्या विषय पर चित्र बनाते हुए संदेश दिया। इस दौरान टॉप टेन विजेता प्रतिभागियों को पुरस्कृत किया गया। साथ ही कार्यक्रम में मौजूद सभी लोगों ने नारी गरिमा को अक्षुण्ण बनाए रखने की शपथ भी ली।   
विज्ञापन

महरौनी के राजकीय बालिका इंटर कॉलेज में आयोजित चित्रकला प्रतियोगिता में जूनियर वर्ग की छात्राओं ने स्वच्छता और पर्यावरण विषय पर चित्रों के माध्यम से पर्यावरण संरक्षण और स्वास्थ्य के लिए स्वच्छता को जरूरी बताया। प्रतियोगिता में पचास छात्राओं ने प्रतिभाग किया। निर्णायकों ने महक राजा प्रथम, महविश द्वितीय व अर्चना को तीसरा स्थान प्रदान किया। वहीं, टॉप टेन में अर्चना, शिवानी, निशा, सुमन, प्राची, गायत्री, दीपिका शामिल रहीं। सीनियर वर्ग में सौ छात्राओं ने प्रतिभाग कर कन्या भ्रूण हत्या पर चित्र बनाकर बेटी बचाने का संदेेश दिया। इसमें निर्णायकों ने निकिता को प्रथम, नेहा साहू को दूसरा और प्रसन्न कुमारी को तीसरा स्थान प्रदान किया। टॉप टेन में कल्पना, दीपिका, रेनू, रिंकू राजा, राजकुमारी, पूजा और नयनसी शामिल रहीं।
इसके बाद छात्राओं ने सांस्कृतिक कार्यक्रमों के माध्यम से जमकर तालियां बटोरीं। इस दौरान उपजिलाधिकारी धीरेंद्र प्रताप सिंह ने बताया कि संस्कृति और परंपराओं को महिलाओं ने जीवंत रखा हुआ है। राष्ट्र व देश की तरक्की में महिलाओं का महत्वपूर्ण योगदान है। पुरुष प्रधान समाज में कई बार महिलाओं को परेशानियों का सामना करना पड़ता है। उन्होंने छात्राओं को प्रेरित करते हुए बताया कि किसी भी गलत बात पर चुप न रहें, डटकर विरोध करें। उन्होंने अमर उजाला के अपराजिता कार्यक्रम की प्रशंसा करते हुए बताया कि इस तरह के कार्यक्रमों से जागरूकता आती है और समाज में फैली कुरीतियों को समाप्त करने में मदद मिलती है। नगर पंचायत अध्यक्षा कृष्णा सिंह ने बताया कि महिलाएं दो घरों में उजाला करती हैं। जरूरत है तो बस आगे आने की। इसलिए किसी गलत कार्य होने पर चुप न रहें, बल्कि अपने हक की आवाज उठाएं। सरकार महिलाओं के लिए कई कानून बनाती है, लेकिन जागरूकता के अभाव में उनका फायदा महिलाओं को नहीं मिल पाता है। इस तरह के कार्यक्रमों से महिलाओं को जागरूक करने में मदद मिलती है। कॉलेज की प्रधानाचार्य गीता सोनी ने कार्यक्रम की प्रशंसा करते हुए विजेता प्रतिभागियों के उज्ज्वल भविष्य की कामना की। इसके उपरांत नगर पंचायत के सहयोग से विजेता प्रतिभागियों को शील्ड, मेडल और प्रमाणपत्र प्रदान कर सम्मानित किया गया। निर्णायक मंडल में कॉलेज की प्रधानाचार्य गीता सोनी, शिक्षिका माधवी और भावना रहीं। इस दौरान अतिथियों ने नारी सुरक्षा व सम्मान की शपथ दिलाई गई। साथ ही अपराजिता अभियान से जुड़े संकल्प पत्र भी भरे।       
विज्ञापन

     
आज भी समाज में बेटों के बराबर बेटी को दर्जा नहीं दिया जाता है। अमर उजाला ने नारी सम्मान के लिए जो पहल की है, वो सराहनीय है। मैं संदेश देना चाहूंगी कि बेटी ही घर की लक्ष्मी होती है। कलाकृति के माध्यम से संदेश दिया है कि बेटियों को आगे बढ़ने का मौका देना चाहिए।       
निकिता, सीनियर वर्ग में प्रथम       
   
बेटों को बाहर पढ़ने भेज दिया जाता है, मगर बेटियों को इंटर या स्नातक के बाद घर में बैठा दिया जाता है। हमारे देश में बेटियों पर अत्याचार होते हैं। गर्भ में ही बेटियों को मार दिया जाता है,  महिलाओं पर भी अत्याचार होते हैं। अपराजिता मुहिम बहुत ही सराहनीय है।       
विज्ञापन

महक राजा, जूनियर वर्ग में प्रथम
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें