अमर उजाला ब्यूरो
झांसी। बुंदेलखंड औद्योगिक विकास प्राधिकरण (बीडा) में सेमी कंडक्टर बनाने की यूनिट लग सकती है। अभी प्रदेश में इक्का-दुक्का जगहों पर ही इसकी इकाई लगी है। देश में भी सेमीकंडक्टर की मांग लगातार बढ़ती जा रही है। क्योंकि, कंप्यूटर, मोबाइल, इलेक्ट्रॉनिक्स गैजेट्स समेत कारों में भी इसका इस्तेमाल होता है।
झांसी के 33 गांवों की 14,225 हेक्टेयर भूमि पर बीडा का गठन किया जा रहा है। बीडा बनने के बाद झांसी बुंदेलखंड की औद्योगिक राजधानी के रूप में पहचानी जाने लगेगी। बताया गया कि बीडा में टाउनशिप, कॉम्प्लेक्स से लेकर औद्योगिक क्षेत्र में फैक्टरियां लगाने के लिए अलग-अलग जगह दी जानी हैं। विशेष कार्याधिकारी लाल कृष्ण का कहना है कि बीडा में कई बड़ी कंपनियां उद्योग लगाएंगी। कंपनियों ने उद्योग लगाने क लिए संपर्क करना शुरू भी कर दिया है। ऐसे में बीडा में सेमी कंडक्टर की यूनिट भी लग सकती है। क्योंकि, इन दिनों इसकी काफी मांग हो रही है। बीडा में यूनिट लगाने के लिए पर्याप्त जगह भी उपलब्ध होगी।
कहां-कहां होता है सेमीकंडक्टर का उपयोग
बीआईईटी के इलेक्ट्रॉनिक्स एंड कम्यूनिकेशन विभाग के आचार्य डॉ. दीपक नगरिया का कहना है कि सेमीकंडक्टर का उपयोग सभी इलेक्ट्रॉनिक उपकरणाें जैसे मोबाइल फोन, डिजिटल कैमरा, संचार उपकरण आदि में किया जाता है। सेमीकंडक्टर मटेरियल से ही इनकी चिप बनती है। कारों में भी इसका इस्तेमाल होता है। सेंसर्स, सेलफोन के साथ उच्च दक्षता वाले इंजन के एलिमेंट्स में भी इसका उपयोग होता है। पार्किंग रियर कैमरा, ब्लाइंड स्पॉट डिटेक्शन, एयरबैग और इमरजेंसी ब्रेकिंग में भी सेमीकंडक्टर की जरूरत होती है। ऑटोमोबाइल बाजार में फिलहाल जितनी भी महंगी कार हैं, उन सभी में आधुनिक फीचर डालने के लिए सेमीकंडक्टर का इस्तेमाल किया जाता है।