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आत्मरक्षा में आत्मनिर्भर हुईं बेटियां

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झांसी। शनिवार को अमर उजाला की मुहिम ‘अपराजिता’ के तहत आत्मरक्षा प्रशिक्षण शिविर का आयोजन किया गया, जिसमें बालिकाओं को आत्मरक्षा के विभिन्न उपाय बताए गए।
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दतिया गेट बाहर सरस्वती बालिका इंटर कॉलेज में संस्था भारत विकास परिषद (मणिकर्णिका) के सहयोग से आयोजित शिविर में दीपक वर्मा, ललित कुशवाहा व साक्षी यादव ने बालिकाओं को प्रशिक्षित किया। उन्होंने मार्शल आर्ट की विभिन्न विधाओं की जानकारी दी। साथ ही चाबी, पेन जैसी पास रहने वाली चीजों को आकस्मिक स्थिति में हथियार की तरह इस्तेमाल करने के बारे में बताया। उन्होंने कहा कि आकस्मिक स्थिति में घबराना नहीं चाहिए, बल्कि आत्मविश्वास के साथ सामना करना चाहिए। इस मौके पर विद्यालय की प्रधानाचार्य कल्पना सिंह, संस्था की अध्यक्ष स्वप्निल मोदी, ऊषा सेन आदि मौजूद रहीं।
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आत्मरक्षा के उपाय हर किसी को जानना चाहिए। यदि आप आत्मरक्षा में निपुण होंगी, तो पूरे आत्मविश्वास के साथ हर परिस्थिति का सामना कर सकेंगी।
- साक्षी
चाबी, पेन, दुपट्टे जैसी अक्सर साथ रहने वाली चीजें भी विपरीत परिस्थिति में हथियार की तरह काम कर सकती हैं। शिविर में इसकी जानकारी हासिल हुई।
- श्रेया रावत
विपरीत परिस्थितियों में घबराना नहीं चाहिए, इससे खुद का मनोबल गिरता है। शिविर में उदाहरणों के जरिये आत्मविश्वास बढ़ाने के उपाय बताए गए।
- सरिता रायकवार
मार्शल आर्ट बेटियों की आत्मरक्षा का आसान उपाय है। इसकी जानकारी हर किसी को होनी चाहिए। स्कूलों में अनिवार्य प्रशिक्षण दिया जाना चाहिए।
- इकरा हसन
आत्मरक्षा में निपुण होने पर बेटियों को इसके लिए किसी दूसरे पर निर्भर नहीं होना होगा। इस शिविर में आत्मरक्षा के आसान उपायों की जानकारी दी गई।
- वर्णिका
खुद को कमजोर समझने से आधा बल स्वत: ही गायब हो जाता है। किसी भी आकस्मिक स्थिति में खुद को कभी कमजोर नहीं समझना चाहिए।
- राधिका विश्वकर्मा
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