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सेहत के साथ नहीं करें खिलावाड़, खाएं शुद्ध आहार

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doctor - फोटो : amarujala
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अमर उजाला के नारी गरिमा के साझा संकल्प ‘अपराजिता: 100 मिलियन स्माइल्स’ के तहत रविवार को ‘मिलावट से लड़ाई’ कार्यक्रम का आयोजन नालंदा ओम गार्डन कॉलोनी में किया गया। इसमें खाद्य एवं औषधि प्रशासन विभाग (एफडीए) की टीम ने लोगों को खाद्य पदार्थों में मिलावट की जांच करने के घरेलू आसान तरीके बताए। इस दौरान उन्होंने लोगों की जिज्ञासाओं का समाधान भी किया।
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खाद्य सुरक्षा अधिकारी आजाद कुमार ने खाद्य सामग्री की शुद्धता परखने का तरीका बताया। उन्होंने बताया कि जनपद में दूध की बात करें तो यहां पर दूध में पानी की मिलावट की जाती है। इसके अलावा केमिकल से तैयार दूध की शिकायत अभी तक जांच में नहीं पाई गई। बावजूद, टिप्स दीं कि किस प्रकार से अन्य स्थानों पर सिंथेटिक दूध तैयार होता है और उसकी जांच कैसे कर सकते हैं?
दूसरी ओर उन्होंने तेल का उपयोग एक बार करने की सलाह दी। क्योंकि दोबारा उस तेल के इस्तेमाल से कैंसर का खतरा सर्वाधिक बढ़ जाता है। साथ ही जानकारी दी कि अन्य देशों में तेल का एक बार ही उपयोग किया जाता है। बचे हुए तेल को कंपनियां खरीदकर बायो डीजल बनाने का काम करतीं हैं। जल्द ही, यह व्यवस्था भारत में भी आने की संभावना है। इस मौके पर मौसम विभाग के वैज्ञानिक डॉ. मुकेश चंद, सामाजिक कार्यकर्ता बद्री प्रसाद त्रिपाठी, रश्मि श्रीवास्तव, सुमन अहिरवार, गीता कटियार, शशि कला, सुषमा, मीता माथुर, डॉ. पल्लवी शर्मा, नीता तिवारी, पूनम मेहता, माला मल्होत्रा, नीलम, उर्मिला, राजेश शर्मा, प्रमोद श्रीवास्तव  मौजूद रहे।
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ऐसे करें मिलावट की जांच
- शीशे पर दो-तीन बूंद दूध डालें और एक तरफ से शीशे को उठाएं। तेजी से दूध नीचे जाता है तो उसमें पानी की मिलावट है।   
- दूध पीछे लाइन छोड़ता है और धीरे-धीरे नीचे जाता है तो दूध शुद्ध है।
- एक बोतल में दूध लेकर तेजी से हिलाएं। झाग में चिकनाहट है तो दूध नकली (सिंथेटिक) है।
- सब्जियों में रंग है तो उन्हें गरम पानी में डालें, पानी अपने-आप रंगीन हो जाएगा।
- फलों पर मोम है तो चाकू की नोंक से छिलके पर चलाएं, लाइन नजर आएगी।
- मावा में आइओडीन टिंचर (दो-तीन बूंद) मिलाएं, मिलावटी है तो रंग नीला हो जाएगा।


ये है सजा
खाद्य सुरक्षा अधिकारी आजाद कुमार ने बताया कि कोई दुकानदार मिलावटी सामान बेचता है और उसमें सेहत को नुकसान न पहुंचा पाने तत्व हैं (जैसे मावे में आलू या शकरकंद, दूध में पानी या सोडा) तो उस पर पेनाल्टी लगाई जाती है। यदि, उसमें हानिकारक तत्व हैं और स्वास्थ्य को नुकसान पहुंचा सकते हैं तो ऐसे मामलों में अर्थदंड के साथ-साथ सजा का भी प्रावधान है, जिसमें आरोपी को उम्रकैद तक की सजा सुनाई जा सकती है।


स्वस्थ रहने के लिए सचेत रहना बेहद जरूरी है। कार्यक्रम में कई ऐसी जानकारियां दीं गईं जिनकी जानकारी थी ही नहीं। खासकर गृहणियों के लिए यह उपयोगी साबित होगा। - दीपांशु डे


सब्जियों को रंग कर बेचा जाता है। इससे वे ताजी नजर आतीं हैं। उनका शरीर पर क्या प्रभाव पड़ता है, यह आज मालूम हुआ है। ऐसे विक्रताओं पर कार्रवाई होनी चाहिए। - एनके जैन
आधा किलो लॉकी अगले दिन बड़ी हो गई उसके आकार के साथ-साथ उसका वजन बढ़ गया। सब्जियों को खतरनाक केमिकल से तैयार किया जा रहा, इस पर रोक लगे। - डॉ. सीमा सिंह

प्लास्टिक का चावाल बाजार में बिक रहा है, यह भ्रांति लगातार फैल रही थी। इस कार्यक्रम में आकर जानकारी हुई कि ऐसा कोई नकली चावल बाजार में नहीं बेचा जा रहा।   - फाबिया खान
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