सीपरी बाजार में इस बार दो जगहों पर पटाखा बाजार सजाया जाएगा। जबकि, पहले एक स्थान के लिए अनुमति दी गई थी। प्रशासन ने यह फैसला समाजवादी पार्टी के नेताओं के बीच पटाखा बाजार को लेकर शुरू हुई रस्साकसी को शांत करने के लिए यह फैसला लिया है।
शहर में हर साल चार स्थानों पर धनतेरस से दीपावली तक तीन दिनों के लिए पटाखा बाजार सजाए जाते हैं। सुरक्षा की दृष्टि से यह बाजार आबादी से दूर सजाए जाते हैं। यह पटाखा बाजार क्राफ्ट मेला ग्राउंड, झांसी क्लब, नगरा हाट का मैदान व सीपरी बाजार में आर्य कन्या डिग्री कालेज के पास के मैदान में सजाए जाते थे। सीपरी बाजार में पटाखा बाजार वाले मैदान पर नगर निगम द्वारा पूर्व राष्ट्रपति की स्मृति में एपीजे अब्दुल कलाम पार्क का निर्माण किया जा रहा है, जिसकी चौहद्दी बनकर तैयार है। इसके चलते इस बार प्रशासन ने इस जगह की बजाय हीरोज ग्राउंड में पटाखा बाजार की अनुमति दी थी, जिसके चलते यहां दुकानें भी तैयार हो गईं।
सूत्रों के अनुसार समाजवादी पार्टी के एक प्रभावशाली नेता को प्रशासन का यह फैसला रास नहीं आया। प्रशासन पर पुरानी जगह पर आतिशबाजी बाजार सजाने का दबाव बनाया गया। जबकि, सत्ताधारी दल के एक अन्य नेता हीरोज फील्ड में ही पटाखा बाजार सजाने पर अड़ गए। इसे लेकर पिछले तीन - चार दिन से रस्साकसी चल रही थी। मंगलवार की शाम प्रशासन ने इसमें बीच का रास्ता निकाल लिया। हीरोज फील्ड के साथ - साथ निर्माणाधीन पार्क में भी पटाखा बाजार की अनुमति दे दी गई।
जगह कम न पड़े, इसलिए दो जगह बाजार
झांसी। नगर मजिस्ट्रेट पी के श्रीवास्तव ने बताया कि प्रशासन ने इस बार आर्य कन्या कालेज के पास के मैदान और हीरोज ग्राउंड पर आतिशबाजी बाजार खोलने का फैसला कर लिया है। यह फैसला दुकानदारों के लिए जगह कम न पड़े, इसलिए लिया गया है। लेकिन, नगर मजिस्ट्रेट का यह तर्क आसानी से गले उतरने वाला नहीं है। क्योंकि, हीरोज ग्राउंड में जगह की कोई कमी नहीं है। अभी वहां जो पटाखे की दुकानें सजाई गईं हैं, उनसे आधा ग्राउंड भी नहीं भर पाया है।