संवाद न्यूज एजेंसी
झांसी। वीरांगना लक्ष्मीबाई झांसी-प्रयागराज रेल लाइन के दोहरीकरण का काम आखिरी चरण में है। नौ जून से पांच दिन तक झांसी, प्रयागराज और लखनऊ मंडल के रेलवे अधिकारी बरुआसागर से टेहरका के बीच विद्युतीकरण के साथ ही स्पीड ट्रायल रन करेंगे। रेलवे ट्रैक के खरा उतरने के बाद से दूसरी रेल लाइन पर छठवें दिन से ट्रेनों को दौड़ाना शुरु कर दिया जाएगा।
वीरांगना लक्ष्मीबाई झांसी से प्रयागराज के लिए अभी तक एकल लाइन थी। इस कारण ट्रेनों के आवागमन में विलंब होता था। इस समस्या को दूर करने के लिए ट्रैक के दोहरीकरण करने का काम वर्ष 2023 में शुरु किया गया। झांसी से मानिकपुर तक रेल ट्रैक की लंबाई लगभग 310 किलोमीटर है। एक समय में इस रूट पर गिनी- चुनी ट्रेन ही चलती थी। लेकिन, खजुराहो, टीकमगढ़, छतरपुर से रेल कनेक्टिविटी बढ़ जाने के कारण इस रूट पर ट्रेनों की संख्या में इजाफा हुआ है। पहले सिंगल ट्रैक पर दोनों ओर से दौड़ाई जा रहीं ट्रेन किसी न किसी स्टेशन पर क्रॉसिंग के लिए खड़ी करनी पड़ती थी। इसलिए रेल मंत्रालय ने झांसी-बांदा-मानिकपुर रेल लाइन के दोहरीकरण कार्य स्वीकृत करते हुए लगभग 43 अरब रुपये से अधिक के बजट को मंजूरी दी थी। इस रेल खंड पर दोहरीकरण का काम अब जाकर पूरा हुआ है।
इसलिए झांसी मंडल के बरुआसागर-टेहरका खंड के दूसरी लाइन के विद्युतीकरण की जांच के लिए 9 और 10 जून को लोको स्पीड ट्रायल होगा। इस ट्रायल के सफल होने के बाद 11 जून को उत्तर मध्य रेलवे प्रयागराज के प्रमुख मुख्य विद्युत अभियंता इस खंड में गति परीक्षण और विद्युतीकरण का निरीक्षण करेंगे। 13 जून को पूर्वोत्तर परिमंडल लखनऊ के रेल सुरक्षा आयुक्त ट्रायल को परखने के बाद आखिरी मंजूरी देंगे। इसके बाद से लाइन का विद्युतीकरण संचालित कर दिया जाएगा।
ट्रायल पूरा होने तक ट्रैक के पास सचेत रहें आमजन
रेलवे ने पांच दिन होने वाले ट्रायल को लेकर चेतावनी जारी करते हुए आसपास के सभी नागरिकों से 9 से 13 जून तक बिजली के तार और खंभों से दूर रहने की अपील की है। साथ ही रेल लाइन के आसपास न बैठने और न ही अनाधिकृत रूप से रेल लाइन को पार करने और मवेशियों को भी रेल पटरी से दूर रखने की चेतावनी दी है। अगर कोई रेलवे अधिनियम का उल्लंघन करते हुए पकड़ा जाता है तो रेलवे अधिनियम के तहत जुर्माना व जेल अथवा दोनों की सजा भुगतनी होगी।
क्रासिंग के कारण ठहराव से मिलेगी मुक्ति
अभी ट्रेनें इस रूट पर 70 से 85 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से दौड़ती थीं। लेकिन, दोहरीकरण के स्पीड ट्रायल के बाद इस ट्रैक पर ट्रेनों की गति बढ़कर 110 किमी प्रतिघंटा हो जाएगी। इससे झांसी से प्रयागराज और प्रयागराज से झांसी की दूरी तय करने में कम समय लगेगा। इसके अलावा क्रॉसिंग के कारण अब ट्रेनों को अन्य स्टेशनों पर बेवजह ठहराव नहीं दिया जाएगा।
इन ट्रेनों का होता है संचालन
अभी इस ट्रैक पर उत्तर प्रदेश संपर्क क्रांति, खजुराहो-कुरुक्षेत्र एक्सप्रेस, महाकौशल एक्सप्रेस, तुलसी एक्सप्रेस, चंबल एक्सप्रेस, बुंदेलखंड एक्सप्रेस, उदयपुर-खजुराहो एक्सप्रेस, ग्वालियर-प्रयागराज, वीरांगना लक्ष्मीबाई झांसी-बांदा, वीरांगना लक्ष्मीबाई-मानिकपुर पैसेंजर ट्रेन दौड़ती हैं। इसके करीब आधा दर्जन से अधिक मालगाड़ियों का संचालन होता है।
वर्जन -
झांसी-मानिकपुर के दोहरीकरण के बाद से ट्रेनों की रफ्तार बढ़ेगी। इसके साथ ही विलंब से दौड़ने वाली ट्रेनों को अब समय पर दौड़ाया जा सकेगा। इससे यात्रियों को अब असुविधा नहीं होगी।
दीपक कुमार सिन्हा, डीआरएम