मौसम की मार, घर-घर बीमार
झांसी। बारिश और तेज धूप से शहर भर में हर घर में कोई न कोई बीमार है। बारिश में गंदा पानी नालियों में भरा होने से मच्छर भी अधिक हो गए हैं। इससे लोग मलेरिया की चपेट में आ रहे हैं। इस समय तेज बुखार, उल्टी-दस्त, जुकाम, खांसी, खुजली आदि के मरीजों की जिला अस्पताल में भरमार है। सुबह से ही ओपीडी में दिखाने के लिए पर्चा बनवाने के लिए मरीजों की भीड़ लगी रही। इसके अलावा निजी डॉक्टरों और नर्सिंगहोमों में भी बुखार, जुकाम आदि से पीड़ित पहुंच रहे हैं। बच्चे भी खांसी, जुकाम और बुखार से पीड़ित हैं।
जिला अस्पताल में मौसम जनित रोगों से पीड़ित मरीजों की संख्या में लगातार इजाफा हो रहा है। जिला अस्पताल में औसतन 90 मरीजों को रोजाना भर्ती किया जा रहा है। इसके अलावा महारानी लक्ष्मीबाई मेडिकल कॉलेज व निजी अस्पतालों में भी मरीजों की लंबी-लंबी कतारें लग रहीं हैं।जिला अस्पताल में आम दिनों में पंद्रह सौ अधिक मरीज ओपीडी में इलाज कराने के लिए आते हैं लेकिन बारिश, धूप व उमस होने के कारण अस्पताल में मरीजों की संख्या में लगातार इजाफा हो रहा है। इससे जिला अस्पताल में दो हजार से अधिक मरीज ओपीडी में इलाज करने के लिए आ रहे हैं।
इसमें दो सौ से अधिक मरीज बुखार से ग्रसित व लगभग तीन सौ से अधिक मरीज खुजली व चर्म रोग के इलाज कराने के लिए आ रहे हैं। जिला अस्पताल के वार्डों में मरीजों की काफी भरमार है। जिला अस्पताल की चर्म रोग विशेषज्ञ डॉ. दीप शिखा ने बताया कि मौसम में हो रही उमस के कारण लोगों को पसीना अधिक आ रहा है। इससे दाद, खाज खुजली के मरीजों की संख्या लगातार बढ़ रही है। अस्पताल की ओपीडी में रोजाना ढाई सौ से अधिक मरीज चर्म रोग का इलाज कराने को आ रहे हैं। जिला अस्पताल के फिजीशियन डॉ. डीएस गुप्ता ने बताया कि मौसम में हो रहे बदलाव से अस्पताल में मरीज काफी बढ़ रहे हैं। इस समय लोगों को पेट दर्द, उल्टी, खांसी, दस्त के अलावा पेट फूलने की बीमारियां हो रहीं हैं। जिला अस्पताल में रोजाना तीन सौ से अधिक मरीज ओपीडी में इलाज कराने के लिए आ रहे हैं। इसके अलावा मेडिकल कॉलेज व निजी अस्पतालों में भी दूरदराज से मरीज इलाज कराने आ रहे हैं।
सायरा ने बताया कि कई दिनों से बुखार आ रहा है। मेडिकल स्टोर से दवा लेने के बाद भी ठीक नहीं हुआ। इस पर अस्पताल में दिखाने आए हैं। इसी तरह प्रेमनगर निवासी चंदा ने बताया कि बारिश की वजह से खुजली हो गई है। इलाज के बाद भी ठीक नहीं हुई। इस पर यहां दिखाने आए हैं।
जिला अस्पताल के मंडलीय प्रमुख अधीक्षक डॉ. बलबीर कृष्ण गुप्ता ने बताया कि मौसम में हो रहे बदलाव के कारण अस्पताल में मरीजों की संख्या काफी बढ़ गई है। अस्पताल में रोज औसतन 90 मरीजों को भर्ती करना पड़ रहा है। ओपीडी में भी मरीजों की संख्या को देखते हुए सभी चिकित्सकों को समय से ओपीडी में बैठने के निर्देश जारी कर दिए गए हैं। उन्होंने बताया कि जिला अस्पताल में संक्रामक रोगों से पीड़ितों के लिए एक वार्ड आरक्षित भी किया गया है। मरीजों की ज्यादा संख्या बढ़ने पर वहां पर भी उनको शिफ्ट किया जाएगा। इसके अलावा दवा काउंटरों पर पर्याप्त दवाओं का इंतजाम कर दिया गया है।