फोटो 1- घर पहुँचकर पीडित बच्चों से जानकारी लेते अधिकारी
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मऊरानीपुर (झांसी)। बिजली विभाग कालोनी में रहने वाले तीन अनाथ बच्चों की विभागीय अधिकारियों ने अनदेखी की। मामला उच्च अधिकारियों तक पहुंचा तो उनके निर्देश पर मंगलवार को उप जिलाधिकारी ने उनके घर पहुंचकर हालचाल किया। बच्चों को राशन सामग्री दी गई और जल्द ही बकाया भुगतान कराने और नौकरी देने की बात कही। इससे बच्चों को राहत मिली है।
20 सितंबर 2017 को विद्युत विभाग में श्रमिक भरत बहादुर की विभागीय कार्य के दौरान दुर्घटना में मृत्यु हो गई थी। उनकी पत्नी की पहले ही मौत हो चुकी थी। माता के बाद पिता की मौत होने पर रोशनी (18), सनी (17) और पलक (15) अनाथ हो गए। इसके बाद विभाग ने उनकी कोई सुध नहीं ली। दी गई एक लाख की सहायता राशि भी खत्म हो गई। इससे वह खाने को भी मोहताज हो गए। इसके बाद भी विभागीय अधिकारियों ने ध्यान नहीं दिया। बेटी रोशनी ने बताया कि पैसे खत्म होने के बाद अब कोई उनकी मदद को तैयार नहीं है। कुछ लोगों ने ट्वीट कर प्रदेश के उच्च अधिकारियों को जानकारी दी। इसके बाद अफसरों ने इस मामले को संज्ञान में लेकर स्थानीय अधिकारियों को समस्या दूर करने का निर्देश दिया। इसके बाद उपजिलाधिकारी अंकुर श्रीवास्तव ने अधिशासी अभियंता से वार्ता की। उन्होंने घर जाकर बच्चों का हालचाल लिया और राशन सामग्री के साथ सहायता राशि दी। इस मौके पर अधिशासी अभियंता ने बताया कि बच्चों के पिता को जो भी बकाया है उसका भुगतान जल्द होगा। एक बच्चे को नौकरी दी जाएगी। उनकी हर संभव मदद की जाएगी।