अमर उजाला ब्यूरो
झांसी। बेसिक शिक्षा परिषद के 50 से कम छात्रांकन वाले जिले में 724 स्कूल हैं। शुरुआत में 10 या उससे कम छात्रांकन वाले स्कूलों का आपस में विलय किया जा सकता है। इस संबंध में विभागीय शिक्षक 15 जून के बाद अभिभावकों और प्रधानों की राय लेंगे।
झांसी में कई ऐसे स्कूल हैं, जहां विद्यार्थी दस से भी कम हैं और शिक्षक दो या उससे ज्यादा तैनात हैं। वहीं, कई विद्यालय ऐसे हैं, जहां पर छात्रांकन पर्याप्त है और विभागीय मानक अनुसार शिक्षकों की तैनाती नहीं है। ऐसे में कम छात्रांकन वाले स्कूलों का विलय किया जाता है तो इस समस्या का काफी हद तक समाधान हो सकता है। बृहस्पतिवार को हुई विभागीय शीर्ष अधिकारियों की वीडियो कांफ्रेंसिंग में भी चरणवार विद्यालयों का विलय करने पर चर्चा हुई है। बीएसए विपुल शिव सागर ने बताया कि शुरुआत में 10 या उससे कम छात्रांकन वाले विद्यालयों का नजदीकी स्कूल में विलय किया जा सकता है। हालांकि, इससे पहले 15 जून के बाद अभिभावकों की सहमति और प्रधानों से भी चर्चा की जाएगी। ताकि, किसी भी तरह की विद्यार्थी और उनके अभिभावकों को कोई परेशानी न हो। इससे विद्यार्थियों को बहुत फायदा होगा। हर विषय का शिक्षक पढ़ाने के लिए उपलब्ध रहेगा। वहीं, छोटे स्कूलों को प्री-प्राइमरीज के रूप में विकसित किया जा सकता है। पुस्तकालय भी खुल सकते हैं।