ललितपुर मुख्यालय से जाखलौन करीब 22 और धौर्रा लगभग 30 किलोमीटर दूर स्थित है। जाखलौन और धौर्रा क्षेत्र में पत्थर की खदानों के साथ ही पर्यटन स्थल भी हैं, जहां सैकड़ों लोग ट्रेन के माध्यम से पहुंचते हैं। धौर्रा रेलवे स्टेशनों पर साबरमती एक्सप्रेस ट्रेन का ठहराव करीब बीस वर्ष से अधिक समय से रहा है, कुछ वर्षों पहले जाखलौन रेलवे स्टेशन पर भी इस ट्रेन का ठहराव होने से मजदूर वर्ग के लोगों को और जाखलौन व धौर्रा के छात्र-छात्राओं को मुख्यालय एवं मध्य प्रदेश के बीना तक आने-जाने में काफी सहूलियत हो गई थी, लेकिन अब जाखलौन और धौर्रा दोनों रेलवे स्टेशनों पर साबरमती एक्सप्रेस ट्रेन का ठहराव बंद कर दिया गया है, जिससे यहां के बाशिंदों की परेशानी काफी बढ़ गई हैं और स्थानीय क्षेत्रवासियों ने रेलवे प्रशासन से फिर से साबरमती एक्सप्रेस का ठहराव पूर्व की तरह किए जाने की मांग की है।
श्रद्धालुओं को आवागमन में होगी परेशानी
साबरमती एक्सप्रेस का ठहराव बंद होने से आसपास के लोगों को और श्रीरणछोरधाम में आने वाले श्रद्धालुओं को कठिनाइयों का सामना करना पड़ेगा, क्योंकि मुख्यालय से लोगों को अब निजी साधन से आना पड़ेेगा और बीना, चंदेरी व टीकमगढ़ एवं मध्य प्रदेश के अन्य जनपद क्षेत्रों से आने वाले लोगों को काफी दिक्कत बढ़ जाएगी।
-धीरज सिंह यादव, प्रबंधक, श्रीरणछोरधाम समिति।
विद्यार्थियों की परेशानी को ध्यान दे रेल प्रशासन
धौर्रा क्षेत्र में अब साबरमती एक्सप्रेस ट्रेन का ठहराव नहीं होने से पढ़ाई के लिए मुख्यालय जाने में काफी परेशानी होगी। यहां से मुख्यालय ललितपुर और बीना के लिए करीब तीन दर्जन से अधिक छात्र-छात्राएं पढ़ाई के लिए साबरमती एक्सप्रेस ट्रेन से आवागमन करते रहे हैं, लेकिन अब निजी साधन या ऑटो से मुख्यालय एवं ललितपुर स्टेशन से ट्रेन पकड़कर बीना जाना पड़ेगा। रेल प्रशासन को विद्यार्थियों की समस्या को समझकर ट्रेन का ठहराव यथावत रखना चाहिए।
दीपेंद्र सिंह, छात्र, धौर्रा।