मोंठ(झांसी)। सोशल मीडिया में कामेडी वीडियो बनाकर शोहरत कमाने वाले सत्या यादव को गूगल ने अपनी विशिष्ट सम्मानित सदस्यों की सूची में शामिल किया है। उसने अपने कॉमेडी वाले वीडियो यूट्यूब पर डालकर दस लाख रुपये कमाए हैं। सत्या के पिता प्रेम नारायण यादव टीकाराम यादव महाविद्यालय में लिपिक हैं। उसने फोन पर बातचीत में कहा कि बुंदेलखंड में प्रतिभाओं की कमी नहीं है। प्रतिभाओं को उचित प्लेटफार्म उपलब्ध करा दिया जाए तो सोशल मीडिया, टीवी व बॉलीवुड में अपनी काबलियत का लोहा मनवा सकते हैं।
सत्या यादव ने कहा कि छात्र-छात्राओं को अपना लक्ष्य निर्धारित कर अपनी अभिरुचि के अनुसार काम करना चाहिए। उन्होंने कहा कि बच्चों पर पढ़ाई का दबाव न बनाएं उनकी अभिरुचि के अनुसार मार्ग प्रदर्शित कर आगे बढ़ने के लिए प्रेरित करें। प्रतिभा उसी क्षेत्र में निखर कर सामने आएगी। सत्या यादव का जन्म चिरगांव में हुआ और अपनी प्रारंभिक पढ़ाई भी वहीं पूरी की। आज कल मुंबई में सोशल मीडिया के अलावा अनेक चैनलों में भी काम कर रहे हैं। खसकर अपनी मातृभाषा बुंदेलखंडी के प्रचार प्रसार के लिए बह संकल्पित हैं। सत्या ने कामेडी समेत अन्य विधाओं के छोटे-छोटे वीडियो बनाकर यूट्यूब पर डालकर शोहरत कमाई है। उसके वीडियो काफी पसंद किए जा रहे हैं। उसकी कामयाबी पर घरवालों के अलावा शुभ चिंतकों ने खुशी जताई है।