झांसी। पंचायत चुनाव अंतिम चरण में होने के बावजूद समाजवादी पार्टी के भीतर छिड़ा घमासान थमने का नाम नहीं ले रहा। जिला पंचायत उम्मीदवार के टिकट को लेकर मची खींचतान को पार्टी पदाधिकारी काबू नहीं कर पा रहे। यही कारण है कि कई सीटों पर अंतिम समय में उम्मीदवार बदल दिए। इसे लेकर उम्मीदवारों में असंतोष है।
पंचायत चुनाव में बड़ी संख्या में कार्यकर्ता चुनाव मैदान में उतरते हैं। स्थिति यह बनती है कि उम्मीदवार अपनी ही पार्टी के कार्यकर्ता के खिलाफ ताल ठोंक देते हैं। इससे बचने के लिए राजनीतिक दल केवल जिला पंचायत सदस्य के चुनाव में ही पार्टी का अधिकृत प्रत्याशी घोषित करते हैं। सत्तारूढ़ दल भाजपा समेत सपा एवं बसपा को उम्मीदवार घोषित करने के बाद बागियों से जूझना पड़ा।
भाजपा एवं बसपा ने किसी तरह बागियों पर काबू पा लिया लेकिन सपा में कार्यकर्ताओं के दबाव के चलते नए उम्मीदवार घोषित करने का काम नामांकन के बाद भी चलता रहा। जिलाध्यक्ष महेश कश्यप की ओर से नामांकन से पहले जारी सूची में जिला पंचायत की खैलार सीट से अमनदीप सिंह का नाम घोषित किया गया लेकिन 11 अप्रैल को जारी नई सूची में खैलार सीट से पार्टी ने पल्ला झाड़ लिया। अब जिलाध्यक्ष का कहना है खैलार सीट से पार्टी का कोई उम्मीदवार नहीं है। पहले की सूची में सेमरी सीट शामिल नहीं थी, लेकिन, दूसरी सूची में इसका नाम जोड़ दिया गया। पार्टी के भीतर टिकट मांगने वालों की भारी संख्या के कारण सपा ने जिला पंचायत की 24 सीटों में से सात सीटों पर कोई उम्मीदवार घोषित नहीं किया। इसमें खैलार, भोजला, पहाड़ीबुर्जग, बघैरा, भदरवारा, मारकुवां और फुटेरा बरुआसागर सीट शामिल हैं। वहीं, उम्मीदवारों की सूची में बार-बार बदलाव से उम्मीदवार परेशान हैं।
जिलाध्यक्ष ने जारी की उम्मीदवारों की सूची
जिलाध्यक्ष महेश कश्यप का कहना है जिला पंचायत की पूंछ सीट से माता प्रसाद बरार, साकिन से सुनील कुमार बरार, भरोसा से ग्यादीन अहिरवार, सेमरी से शिवदयाल यादव, रक्सा से शिवम गुर्जर, राजापुर से वीर सिंह नरवरिया, बबीना रूरल से रामसखी, सकरार से सविता, बंगराधवा से आशा, देवरीसिंहपुरा से राकेश पाल, स्यावरी से मीरा, चुरारा से हेमंत सेठ, सिमरधा से गीता जायसवाल, भस्नेह से सोनम पटेल, ककरबई से विमला राजा पाल, कुरैठा से नृपेंद्र सिंह और बिलाटीकरके से राजेंद्र अहिरवार उम्मीदवार हैं। अब सूची में कोई परिवर्तन नहीं होगा।