झांसी। संत जूड श्राइन में आयोजित वार्षिक महोत्सव के अंतर्गत बुधवार को संत जूड का रैलिक जुलूस प्रभु यीशु, मां मरियम की महिमा गीतों के साथ निकाला गया। जुलूस में स्थानीय श्रद्धालुओं के साथ दिल्ली, महाराष्ट्र समेत अन्य प्रदेशों से ईसाई समुदाय के लोग शामिल हुए।
सायं काल को गिरजाघर में हुई प्रार्थना सभा के पश्चात निकाले गए जुलूस में श्रद्धालु हाथों मेें कैंडल लेकर चल रहे थे। वहीं, युवा क्रूस एवं रंगबिरंगी छतरियां हाथों में थामे थे। देश के विभिन्न राज्यों महाराष्ट्र, दिल्ली, उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश आदि से आए श्रद्धालुओं एवं विभिन्न मिशनरी संस्थाओं के सदस्यों ने क्रमबद्ध होकर प्रभु की महिमा के गीत गाए। इस दौरान कई श्रद्धालु संत जूड की पालकी में विराजमान प्रतिमा को कंधे पर लिए थे। वहीं, मुख्य अनुष्ठाता संत जूड की रैलिक लिए हुए थे। इलाहाबाद बैंक चौराहा से होता हुआ जुलूस वापस श्राइन चर्च पहुंचा।
जहां मुख्य अनुष्ठाता मेरठ के धर्माध्यक्ष बिशप फ्रांसिस कालिस्ट, झांसी के बिशप पीटर परापुलिल, ग्वालियर के बिशप जोसफ काइथातारा ने प्रार्थना कर परमेश्वर से सभी के स्वास्थ्य लाभ की कामना की तथा आशीष दिया।
इससे पूर्व प्रात: मुख्य अनुष्ठाता बिशप फ्रांसिस कालिस्ट, बिशप पीटर परापुलिल, बिशप जोसफ काइथातारा, पूर्व बिशप फ्रेडरिक डिसूजा एवं 85 धर्मपुरोहितों ने सेंट जूड के आदर मेें धर्मानुष्ठान किया। इस मौके पर मुख्य अनुष्ठाता ने कहा कि परमेश्वर की प्रार्थना सच्चे मन से करने पर सभी प्रकार के कष्ट दूर होते हैं।
वह जीवनदाता हैं और उन्हें हृदय में बसाएं। इस दौरान चंगाई प्रार्थना भी की गई। इस अवसर पर फादर डेनिस, फादर जूलियन, फादर पीटर, फादर वलेरियन, फादर सदानंद, फादर माइकल, फादर पाल फ्रांसिस, फादर जॉन केदारी, फादर कांताराज, अगस्टीन नौरान्हा आदि मौजूद रहे।