झांसी। सेंट जूड श्राइन में बुधवार को सेंट जूड के सम्मान में महापर्व आयोजित हुआ। श्रद्धालुओं ने चर्च में कैंडल जलाये और सभी के स्वास्थ्य लाभ को लेकर प्रार्थनाएं की। प्रवचन में बिशप पीटर परापुल्लिल ने कहा कि जीवन में त्याग और तपस्या का होना बेहद जरूरी है।
महापर्व पर सुबह मुंबई के कलाकारों ने संगीत की मधुर धुनों पर प्रभु यीशु की महिमा के गीत गाए। इसके बाद फादर सहायनाथन के नेतृत्व में पूजा की गई। इसके बाद झांसी धर्मप्रांत के बिशप पीटर परापुल्लिल ने सेंट जूड के बलिदान पर प्रकाश डाला और कहा कि जीवन में प्रभु का आशीष पाने के लिए मनुष्य को त्याग, सेवा और तपस्या करनी होगी। इसके बिना कुछ भी हासिल नहीं होता है। बिजली की आकर्षक रंग बिरंगी झालरों से सजे चर्च में शाम को सभी श्रद्धालुओं ने प्रभु यीशु के महिमा के भजन गाए। इस मौके पर कोविड - 19 से बचाव के लिए प्रार्थना की गई। इस अवसर पर फादर डेनिस, फादर विंसेंट, फादर फेड्रिक, फादर सिद्धराज, फादर जोजफ, फादर वेनी, फादर वियानी आदि मौजूद रहे। उल्लेखनीय है कि इस साल कोविड - 19 से बचाव के कारण सेंट जूड का रैलिक जुलूस नहीं निकाला गया। सभी प्रार्थना सभाओं का ऑनलाइन प्रसारण हुआ। इसमें देश के लाखों श्रद्धालु जुडे़।
सेंट जूड श्राइन में बचपन से ही माता पिता के साथ आ रहा हूं। देश में कहीं भी रहें। लेकिन नौरोजी प्रार्थना के समय झांसी में ही रहता हूं और प्रार्थना करता हूं।
जेम्स गेब्रियल निवासी सिविल लाइंस
प्रत्येक दिन प्रार्थना करने के लिए सेंट जूड श्राइन में आती हूं। यहां प्रार्थना करने से सभी मनोकामनाएं पूरी हो जाती हैं। ईश्वर का आशीष हमेशा रहता है।
अनीता चार्ल्स निवासी खाती बाबा
चर्च में नौरोजी प्रार्थना अवसर पर आती हूं। हमारा सभी धर्मों पर विश्वास है। ऐसे में सभी धर्म स्थलों पर जाती है। यह बहुत अच्छा लगता है।
शैफाली राय निवासी रायगंज
पिछले 20 वर्षों से लगातार चर्च में आ रही हूं। यह चर्च संपूर्ण एशिया में प्रसिद्ध है। दूर दूर से लोग यहां आकर प्रार्थना सभाओं में हिस्सा लेते हैं।
आभा लकरा निवासी दतिया
तैयारियां चल रही हैं। मौहल्लों को झंडों, चांदनी, व बिजली की छटा के सजाया जा रहा है। औरछा गेट बाहर क?