फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

तीस साल नौकरी के बाद नगर निगम के एक हवलदार समेत पांच महिला सफाई कर्मचारी बर्खास्त

विज्ञापन
विज्ञापन
झांसी। मृतक आश्रित कोटे में फर्जीवाड़ा करके नौकरी हथियाने वाले एक हवलदार समेत पांच महिला सफाई कर्मचारियों पर आखिरकार तीस साल बाद गाज गिर ही गई। लंबी जांच के बाद फर्जीवाड़े की पुष्टि होने पर नगर आयुक्त पुलकित गर्ग ने इन सभी कर्मचारियों की तत्काल प्रभाव से सेवा समाप्त कर दी। इसके पहले भी कुल पांच कर्मचारियों की सेवा समाप्त की जा चुकी।
विज्ञापन

पिछले साल 27 सफाई कर्मियों के ऐसे मामले सामने आए, जिनमें इन कर्मियों ने माता-पिता में किसी एक के नौकरी में होने के बावजूद फर्जी दस्तावेज लगाकर नौकरी हथिया ली। इनमें अधिकांश पिछले करीब तीन दशक से नौकरी कर रहे थे लेकिन, मामला उजागार होने पर तत्कालीन नगर आयुक्त अवनीश राय ने कमेटी बनाकर जांच शुरू करा दी। मार्च महीने में पांच सफाई कर्मियों के खिलाफ शिकायत सही मिलने पर उनको बर्खास्त कर दिया गया। इसके बाद अब हवलदार कमल पुत्र नारायण समेत मन्ना पत्नी प्रकाश, मन्नू पत्नी बृजमोहन, आरती पुत्री सुरेश, शकुन्तला पत्नी खच्चू एवं रेखा पत्नी राजेश के खिलाफ भी शिकायत सही पाई गई।
निगम अफसरों के अनुसार सेवा शर्तों के मुताबिक सिर्फ उनको मृतक आश्रित कोटे में नौकरी मिल सकती है जिसका कोई रक्त संबंधी निगम सेवा में न हो लेकिन, इन कर्मचारियों में माता-पिता में कोई न कोई सेवा में था। निगम प्रशासन ने इसे मृतक आश्रित नियमावली-1999 का उल्लंघन माना। नगर आयुक्त पुलकित गर्ग के मुताबिक अभी अन्य कर्मचारियों की जांच चल रही है। जल्द ही यह जांच पूरी कर ली जाएगी।
विज्ञापन

अब तक तीन हवलदारों की जा चुकी नौकरी
मृतक आश्रित फर्जी कोटे में फर्जीवाड़ा करके नौकरी हथियाने के आरोप में तीन हवलदारों की नौकरी अब तक जा चुकी है। इनमें ओमकार एवं दिनेश की सेवा पहले ही समाप्त की जा चुकी जबकि कमल को अब बर्खास्त किया गया है।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें