शादी के लिए चंद रह गईं शुभ मुहूर्त की तारीखें
झांसी। विवाह के लिए अब जून और जुलाई में चंद शुभ मुहूर्त ही रह गए हैं। 20 जुलाई को देवशयनी एकादशी होगी। इसी के साथ चातुर्मास भी शुरू हो जाएंगे। चातुर्मास में विवाह नहीं होते हैं। ऐसे में लोगों को विवाह की शुभ तिथियों के लिए नवंबर तक इंतजार करना होगा। हालांकि नवंबर और दिसंबर में भी विवाह के लिए शुभ मुहूर्त की तारीखें गिनी चुनी हैं।
गर्मियों में इस साल विवाह के लिए खूब शुभ मुहूर्त थे, लेकिन कोरोना संक्रमण के चलते शादी कार्यक्रम स्थगित हो गए। अब कोरोना का प्रभाव धीरे-धीरे थमने लगा है। बाजार खुलने लगे हैं। ऐसे में कई लोग विवाह की शुभ मुहूर्त तिथियां जानने के लिए ज्योतिष विद्वानों के यहां चक्कर काटने लगे हैं। आचार्य पंडित शांतनु पांडे के अनुसार चातुर्मास के चार माह तक विवाह नहीं होते हैं। वर्षा ऋ तु प्रारंभ हो जाती है। भगवान विष्णु क्षीर सागर में आराम करने के लिए चले जाते हैं। जिनका जागरण देवोत्थान एकादशी पर होता है। इसी के साथ एक बार फिर से विवाह प्रारंभ हो जाते हैं। उनके अनुसार बुंदेलखंड में आषाढ़ मास के शुक्ल पक्ष की नवमी जिसे भड़ली नवमी कहते हैं। विवाह के लिए यह तिथि शुभ मुहूर्त मानी जाती है। यह शुभ तिथि 18 जुलाई को है।
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जून और जुलाई में ये हैं शुभ तिथियां
जून 20, 21, 22, 23, 24, 26 ।
जुलाई 1, 2, 6, 7, 13, 14, 15।
नवंबर 14, 15, 20, 21, 28, 29, 30।
दिसंबर 1, 7, 11, 13।