झांसी के प्रथम सांसद एवं स्वतंत्रता संग्राम सेनानी आचार्य पंडित रघुनाथ विनायक धुलेकर की जयंती विभिन्न धार्मिक व सामाजिक संस्थाओं ने मनाई। लोगों ने आचार्य धुलेकर की मूर्ति व चित्रों पर पुष्प अर्पित किये। वक्ताओं ने कहा कि धुलेकर जी वेदों के विद्वान थे और राष्ट्रभाषा हिंदी के प्रबल समर्थक थे।
श्री सिद्धेश्वर मंदिर में हुए कार्यक्रम में आचार्य हरीओम पाठक ने कहा कि धुलेकर जी ने हिंदी में वेदों का भाष्य कर अनुपम कार्य किया था। आयुर्वेदिक कालेज, सिद्धेश्वर सिद्ध पीठ आश्रम आदि संस्थायें उनकी ही देन हैं। पूर्व केंद्रीय मंत्री प्रदीप जैन आदित्य ने कहा कि धुलेकर जी का देश की आजादी में अहम योगदान है। इस अवसर पर निरंजन धुलेकर, रवीश त्रिपाठी, बृजकिशोर माहेश्वरी, मोनू महाराज, संजय पटवारी, शिवराम शास्त्री, सोनू शर्मा आदि मौजूद रहे। इधर, मानिक चौक स्थित आचार्य धुलेकर वाचनालय में जानकी शरण वर्मा, निरंजन शिवाजी धुलेकर, डा.नीति शास्त्री, मनमोहन मनु, रमेश चंद्र, संजीव तिवारी, राम प्रकाश अग्रवाल, मोहन नेपाली आदि ने प्रथम सांसद के चित्र पर पुष्प अर्पित किये।