झांसी। राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ के शाखा संगम में पूर्वी उत्तर प्रदेश के क्षेत्र सह कार्यवाह वीरेंद्र जायसवाल ने कहा कि देश के बंटवारे के समय पाकिस्तान में 30 फीसदी हिंदू आबादी थी। लोग इस उम्मीद के साथ अपना घर छोड़कर पाकिस्तान गए थे कि उनके साथ भाईचारे जैसा व्यवहार किया जाएगा। मगर जब धर्म, पंथ, घर सुरक्षित नहीं रहे और बेटियों की इज्जत ले ली गई तब कुछ हिंदू भाई किसी तरह भागकर भारत आ गए। पिछली सरकारों की तुष्टिकरण की राजनीति की वजह से इन शरणार्थियों पर ध्यान नहीं दिया गया। मगर जब एक स्वयंसेवक को मौका मिला तो शरणार्थियों के लिए कानून बना दिया।
जीआईसी मैदान में आयोजित कार्यक्रम में क्षेत्र सह कार्यवाह ने कहा कि कई राजनीतिक पार्टियां एक समुदाय विशेष की राजनीति करती हैं लेकिन उन्होंने उस समुदाय के लिए कुछ किया नहीं। वह समुदाय भी नहीं जानता कि उन्हें छला जा रहा है। नागरिकता कानून के विरोध में भी विरोधी शक्तियां सक्रिय हो गई हैं। लोगों को बरगलाया जा रहा है। उनसे तोड़फोड़ कराई जा रही है। उन्होंने कहा कि समय-समय पर संघ के सामने नई-नई चुनौतियां खड़ी की जा रही हैं। आज संघ को मार्गदर्शन और समाज की गति को नियंत्रित करना है।
स्वयंसेवक गति तेजी के साथ इस दिशा में कार्य करें। शाखा का विस्तार करें। भारत को शिखर पर ले जाने का संकल्प जल्द पूरा होगा। शाखा संगम में विभाग संघ चालक राजेश्वर दयाल खरे, महानगर संघ चालक सर्वेश अग्रवाल, शारीरिक शिक्षण प्रमुख गजेंद्र, प्रांत सह कार्यवाह अनिल, विभाग कार्यवाह ओमनारायण, जिलाध्यक्ष जमुना कुशवाहा, विधायक राजीव सिंह पारीछा, जयदेव पुरोहित, अंचल अड़जरिया, मुकुल पस्तोर, पंकज दुबे, डीपी गौर, कमल नयन मौजूद रहे।
11 नगर, 85 बस्तियों की 94 शाखाएं लगीं
महानगर को 11 नगरों में बांटा गया था। जीआईसी मैदान पर सभी नगरों की 85 बस्तियों की 94 शाखाएं लगीं। इसमें सैकड़ों स्वयसेवकों ने हिस्सा लिया। विभिन्न खेलों का आयोजन हुआ। कई स्वयंसेवकों ने व्यायाम भी किया। शाखाओं में युवा वर्ग की संख्या काफी अधिक रही।
आज का कृष्ण है स्वयंसेवक
वीरेंद्र जायसवाल ने कहा कि श्रीकृष्ण ने कहा था कि जब-जब धर्म की हानि होगी, तब-तब वह जन्म लेंगे। एक समय हिंदू दूसरों को मार्ग दर्शन देते थे। भारत में अकूत दौलत थी मगर जब देश दीनहीन, गुलाम, गरीब हो गया तब केशव के रूप में डॉ. हेडगेवार ने जन्म लिया। हिंदू राष्ट्र को परम वैभव तक पहुंचाने के लिए उन्होंने संघ की स्थापना की। आज का कृष्ण स्वयंसेवक है। अधर्म का नाश कर राष्ट्र को परम वैभव तक पहुंचाना है। हर समाज, हर वर्ग के साथ स्वयंसेवक संपर्क करें।
राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ के शाखा संगम में समारोह में जुटे कार्यकर्ता।
राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ के शाखा संगम में समारोह में व्यायाम करते कार्यकर्ता।