ट्रेनों पर पत्थरबाजी करने वाले ग्रामीणों को दबोचने के लिए आरपीएफ के जवान वेश बदलकर पटरी किनारे वाले गांवों में घूमेंगे। वे धोती-कुर्ता पहनकर ठेठ देहाती के रूप में गांवों में जाएंगे और माहौल देखेंगे। पिछले दिनों शताब्दी एक्सप्रेस समेत कई ट्रेनों पर पत्थर बाजी हुई, जिसके आरोपी पकड़े नहीं गए हैं।
रेलवे सुरक्षा विशेष बल (आरपीएफ) का मानना है कि ट्रेनों पर पत्थर फेंकने वाले बदमाश नहीं बल्कि शरारती ग्रामीण हैं। इन लोगों को चिह्नित करने में अब तक सफलता नहीं मिली है। सबसे ज्यादा घटनाएं दतिया और डबरा स्टेशनों के आसपास हुई हैं। आरपीएफ ने घटना वाले स्थान चिह्नित कर लिए हैं, यहां जवान ठेठ देहाती अंदाज में इन गांवों में घूमेंगे और वहां के लोगों से बातचीत कर आरोपियों की तह तक पहुंचने का प्रयास करेंगे।