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स्टेशन पर आरपीएफ को भी करना पड़ सकता है टिकट चेकिंग का काम

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प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : demo
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कोरोना महामारी के कारण घाटे से जूझ रहा रेलवे लॉकडाउन के बाद बड़े स्तर पर अपने विभागों में पदों का समायोजन करने जा रहा है। इसमें आरपीएफ से भी टिकट चेकिंग का काम कराया जा सकता है। इसके लिए रेलवे बोर्ड ने कार्यकारी निदेशक के नेतृत्व में आठ सदस्यीय समिति का गठन कर दिया है। यह समिति एक महीने में अपनी रिपोर्ट बोर्ड को सौंपेंगी। कोरोना वायरस के कारण हो रहे घाटे की भरपाई के लिए रेलवे ने मास्टर प्लान तैयार करना शुरू कर दिया है। इसी प्लान के तहत रेलवे बड़े स्तर पर पदों का समायोजन करने जा रहा है। जैसे कि अभी इलेक्ट्रीशियन, मिस्त्री, फिटर, कारपेंटर, टेलीकॉम मेंटेनर, एसी टेक्नीशियन के पदों पर कर्मचारी इंजीनियरिंग, इलेक्ट्रिक व एसएनटी विभाग में काम कर रहे हैं। इन कर्मचारियों को तीनों विभागों की ट्रेनिंग देकर, जहां जैसी जरूरत होगी उस हिसाब काम पर लगा दिया जाएगा। इसी तरह गेटमैन, ट्रैकमैन, प्वाइंट्समैन कर्मचारी ऑपरेटिंग व इंजीनियरिंग विभाग में काम कर रहे हैं। इन कर्मचारियों को भी एक ही विभाग में लाया जाएगा। रेलवे स्टेशन पर टिकट परीक्षकों की तरह टिकट चेकिंग का काम कराया जा सकता है। इसके अलावा शंटर, टावर वैगन ड्राइवर, मिनिस्ट्रीयल स्टाफ, ट्रैफिक इंस्पेक्टर, कामर्शियल इंस्पेक्टर, वेलफेयर इंस्पेक्टर, स्टेशन मास्टर, सहायक स्टेशन मास्टर, खलासी, टिकट चेकिंग, आरक्षण, पूछताछ, बुकिंग, कार्यालय कर्मचारी, टेक्निकल स्टाफ, डीजल मेकेनिक, इलेक्ट्रिक फिटर, क्रेन ड्राइवर, स्टाफ कार ड्राइवर, चपरासी आदि पदों पर समायोजन होगा। रेलवे बोर्ड के उप सचिव एसी जैन ने इस कार्य के लिए गठित समिति में कार्यकारी निदेशक (ईएसटीटी), कार्यकारी निदेशक (प्रोजेक्ट), प्रमुख कार्यकारी निदेशक (ईईआरएस), प्रमुख कार्यकारी निदेशक (सीई), कार्यकारी निदेशक (सिग्नल), कार्यकारी निदेशक (पीएम), कार्यकारी निदेशक (टीटीएस) को रखा गया है। इस संबंध में पीआरओ मनोज कुमार सिंह ने बताया कि रेलवे बोर्ड द्वारा गठित समिति इस पर काम कर रही है।
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