झांसी। ग्वालियर- बरौनी छपरा मेल छूटने पर भोपाल से आए बीटेक के तीन सौ से
अधिक छात्र प्लेटफार्म चार पर खड़ी प्रीमियम एक्सप्रेस में चढ़ गए। इस
ट्रेन में केवल आरक्षित कंफर्म टिकट के ही यात्री यात्रा कर सकते हैं। इस
कारण यात्रियों ने गाड़ी को आगे नहीं बढ़ने दिया। गुस्साएं छात्र इंजन के
आगे आ गए। सूचना पर पहुंची आरपीएफ ने छात्रों को तितर- बितर करने के लिए उन
पर जमकर लाठियां फटकारी। इससे प्लेटफार्म पर भगदड़ मच गई। इस दौरान आरपीएफ
ने तैंतीस छात्रों को हिरासत में लेकर रेलवे न्यायालय में पेश किया।
भोपाल
के अलग- अलग कालेज में पढ़ने वाले इंजीनियरिंग छात्रों की 25 जून को
सेमेस्टर परीक्षा खत्म हो गई थी। इन कालेजों में बिहार के सीवान, छपरा,
मुजफ्फरपुर के अलावा गोरखपुर, देवरिया आदि स्थानों के सैकड़ों छात्र
अध्ययनरत है। शुक्रवार को तीन सौ से अधिक छात्रों को झांसी से अपराह्न 1.55
बजे जाने वाली ग्वालियर- बरौनी मेल पकड़कर अपने- अपने घर जाना था। सभी ने
अपने आरक्षण करा रखे थे। छात्र शुक्रवार को भोपाल से गाड़ी संख्या 18237
डाउन छत्तीसगढ़ एक्सप्रेस में सवार होकर झांसी आए। छत्तीसगढ़ एक्सप्रेस का
झांसी आने का समय दोपहर 11.55 बजे है। छात्रों को उम्मीद थी कि गाड़ी समय
पर झांसी पहुंच जाएगी और वह ग्वालियर बरौनी मेल पकड़ लेंगे। मगर छत्तीसगढ़
एक्सप्रेस दो घंटे लेट हो गई और यह गाड़ी अपराह्न 2.07 बजे झांसी आई। इस
बीच ग्वालियर- बरौनी मेल अपने समय से झांसी स्टेशन से जा चुकी थी।
छत्तीसगढ़ एक्सप्रेस से उतरने के बाद जब छात्रों को गाड़ी छूटने का पता लगा
तो वह उत्तेजित हो गए। सभी एकत्रित होकर डिप्टी एस एस कामर्शियल के पास
पहुंच गए। छात्र बार- बार रेलवे की गलती से ट्रेन छूटने का कारण बताकर
दूसरी गाड़ी चलाने की मांग करने लगे। छात्र दबाव बनाने लगे, इससे स्थितियां
बिगड़ने की स्थिति बन गई। चूंकि, इसमें रेलवे की कोई गलती नहीं थी, इस पर
डिप्टी एस एस ने छात्रों से कहा कि लखनऊ की तरफ जो पहली ट्रेन आए उसमें
जाकर बैठ जाए। इस हिसाब से लखनऊ की तरफ जाने वाली पहली ट्रेन साबरमती
एक्सप्रेस थी। मगर उसी बीच 3.16 बजे प्लेटफार्म नंबर चार पर गाड़ी संख्या
09013 मुंबई लखनऊ प्रीमियम एक्सप्रेस आ गई। इस गाड़ी में केवल कंफर्म टिकट
के यात्री ही यात्रा कर सकते हैं। इस नियम को दरकिनार कर छात्र ट्रेन में
चढ़ गए। इतनी अधिक संख्या में छात्रों के ट्रेन के कोचों में चढ़ने से
उसमें सवार यात्री भड़क गए। यात्रियों ने चेन पुलिंग कर गाड़ी को रोक लिया।
इस दौरान कोच कंडक्टर ने छात्रों से उतरने को कहा, मगर वह तैयार नहीं हुए।
कुछ छात्र इंजन के आगे आकर भी खड़े हो गए। इससे हंगामे की स्थिति बनने
लगी। सूचना पर बड़ी संख्या में आरपीएफ, आरपीएसएफ व जीआरपी के जवान मौके पर
पहुंच गए। इसके बाद कोचों में सवार छात्रों को उतारना शुरू किया गया। कोचों
से उतरने के बाद छात्र उपद्रव करने की स्थिति उत्पन्न करने लगे। इस पर
फोर्स को उन पर लाठियां चलाना शुरू करनी पड़ी। लाठियां चलने पर प्लेटफार्म
पर भगदड़ मचना शुरू हो गई। जिस छात्र को जहां जगह दिख रही थी, वह उस दिशा
में भाग रहा था। इससे प्लेटफार्म पर मौजूद अन्य यात्री दहशत में आ गए। बाद
में आरपीएफ ने तैंतीस छात्रों को हिरासत में ले लिया। वहीं, गाड़ी 4.41 बजे
गंतव्य के लिए रवाना हो सकी। आरपीएफ ने पकड़े गए छात्रों का रेलवे एक्ट
में चालान करने के बाद उन्हें रेलवे न्यायालय में पेश किया, जहां जुर्माना
भरने के बाद छात्रों को छोड़ दिया गया।