फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

सीआईडी बताकर कपड़ा व्यापारी को ठगा

विज्ञापन
विज्ञापन
झांसी। गुरसराय के कपड़ा व्यापारी सनत कुमार जैन को बृहस्पतिवार की शाम रानीमहल के बगल से गई सुनसान गली में तीन बदमाशों ने अपने को सीआईडी बताते हुए सुरक्षा का हवाला देकर ठग लिया। बदमाश 24 हजार रुपये नकद, सोने की जंजीर व अंगूठी ले गए। बाद में पीड़ित व्यापारी ने मामले की लिखित शिकायत कोतवाली पुलिस से की।
विज्ञापन

कोतवाली में दी शिकायत में गुरसराय निवासी सनत कुमार जैन ने बताया कि उनका बाजार में कपड़े का कारोबार है। बृहस्पतिवार को वह कारोबार के सिलसिले में झांसी आए थे। उन्होंने अपनी कार जिला अस्पताल के नजदीक चर्च के पास सड़क किनारे खड़ा कर दी। इसके बाद बाजार चले गए। वह शाम पांच बजे के करीब वापस जाने के लिए अपनी कार की तरफ आ रहे थे। इसी बीच रानीमहल के बगल से जाने वाली गली में उनको बाइक सवार दो हट्टे कट्टे व्यक्तियों ने रोक लिया। उनमें से एक ने खुद को सीआईडी का सिपाही बताया और पूछताछ करने लगा। आई कार्ड दिखाने का नाटक किया। कद काठी अच्छी होने के कारण उनको लगने लगा कि वह सिपाही हैं। उन्होंने अपने बारे में जानकारी दे दी। इस पर एक व्यक्ति ने कहा कि झांसी का माहौल अच्छा नहीं है। इसके बाद वह लोग उसके थैले और सूटकेस की तलाशी लेने लगे। थैले में आम और अन्य सामान रखा था। जबकि, सूटकेस में 24 हजार रुपये नकद व अन्य कागजात रखे थे। तलाशी के बाद उन लोगों ने कहा कि जरा सुरक्षा के साथ चला करें। कारण पूछा तो कहा कि अखबार नहीं पढ़ते बीते रोज एक शर्मा जी को बदमाशों ने लूट लिया था।
इसी बीच दोनों लोग सामने से आए एक युवक को रोककर उससे भी पूछताछ करने लगे। उन्होंने उस युवक से अपने गले की जंजीर को जेब में रखने को कहा। इसके बाद उनका सूटकेस खुलवाकर उसमें रखी एक पॉलिथीन को खाली करवाया। पॉलिथीन में रखे वोटर आई, आधार कार्ड आदि को सूटकेस में पलट दिया। पॉलिथीन में उनके रुपये, जंजीर और अंगूठी रखवा दिए। उनकी अंगूठी सामने से आ रहे युवक की मदद से उतरवाई गई। इसके बाद सूटकेस में पॉलिथीन रखने का नाटक किया। उनको लगा कि पॉलिथीन रख दी गई है और वह आगे बढ़ गए। इस बीच बारिश होने लगी और वह कार में आकर बैठ गए। बारिश बंद होने पर उन्होंने चालक से गाड़ी को आगे बढ़ाने के लिए कहा। कुछ दूर पर उनको एक पंप उठाना था। वे वहां रुके, तब उन्होंने सूटकेस खोल कर देखा तो जेवर व रुपये न पाकर अवाक रह गए। इसके बाद उनको समझ आया कि कद काठी में सिपाही नजर आने वाले बदमाश थे और वह उनको ठगी का शिकार बनाकर चले गए। इसके बाद उन्होंने घटना की जानकारी अन्य व्यापारियों को दी।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें