संवाद न्यूज एजेंसी
झांसी। प्रोत्साहन राशि देने के बावजूद रोडवेज में संविदा चालक की नौकरी की चाहत कम हो रही है। मंगलवार को हंसारी स्थित रोडवेज डिपो में आयोजित मंडलस्तरीय रोजगार मेले में पगार कम और तनाव ज्यादा होने के वजह से सिर्फ 47 आवेदकों ने हिस्सा लिया। इनमें से 41 का चयन किया गया।
मंडल के झांसी, ललितपुर और जालौन जिले के लिए 250 रोडवेज बस चालकों की भर्ती प्रक्रिया 11 दिसंबर को भी होगी। इसके लिए सरकार और परिवहन विभाग की ओर से जोरशोर से प्रचार-प्रसार भी किया गया था। परिवहन विभाग के अफसरों को रोजगार मेले में आवेदकों की संख्या अधिक होने की उम्मीद थी। अफसरों ने तैयारियों में कोई कसर नहीं छोड़ी थी लेकिन रोजगार मेले के पहले दिन सिर्फ 47 आवेदकों को देखकर अफसर सकते में आ गए। चयन प्रक्रिया के दौरान अभ्यर्थियों से तीन किलोमीटर बस चलाने के साथ ही बस को रोकना, मोड़ना, धीमी गति से चलाने के साथ ही अचानक ब्रेक लगाने की स्थिति देखी गई। सहायक क्षेत्रीय प्रबंधक रामदास सोनकर ने बताया कि पहले दिन 47 अभ्यर्थियों ने आवेदन किया है। इसमें से 41 का चयन किया गया है। वहीं, संविदा चालकों का कहना है कि पूरे माह कड़ी मेहनत के बाद भी महज 12 से 15 हजार रुपये की आमदनी होती है। ऐसे में परिवार चलाना मुश्किल होता है।
22 दिन नियमित बस चलाने पर मिलती है प्रोत्साहन राशि
झांसी। रोडवेज बस चालकों को 1.89 रुपये प्रति किलोमीटर के हिसाब से भुगतान करने के साथ ही 22 दिन नियमित बस चलाने पर तीन हजार रुपये प्रोत्साहन राशि दिया जाता है। इसके अलावा, साढ़े सात लाख रुपये का दुर्घटना बीमा, यात्रा पास और रात्रि भत्ता देने की घोषणा होने के बाद भी बस चालक बनने में लोग रुचि नहीं दिखा रहे हैं। संवाद