झांसी। ट्रेनों की कमी के कारण इस बार की दिवाली रोडवेज के लिए बेहद फायदेमंद रही। त्योहार सीजन पर रोडवेज ने एक करोड़ 13 लाख रुपये की आमदनी की है। जबकि पिछले वर्ष यह आमदनी एक करोड़ एक लाख रुपये रही थी। अधिकारियों का कहना है कि सर्वाधिक यात्रियों ने कानपुर, लखनऊ, बांदा व बनारस रूट पर सफर किया। हालांकि ग्रामीण इलाकों के लिए यात्रियों का टोटा रहा।
कोविड - 19 से बचाव के कारण लगे लॉकडाउन व अनलॉक से रोडवेज बसों के चक्के सामान्य सेवा के लिए थमे रहे थे। ऐसे में आर्थिक संकट से रोडवेज जूझने लगा था। लेकिन दिवाली के त्योहारी सीजन पर विभाग को जैसे आर्थिक रूप से संजीवनी प्राप्त हो गई। त्योहार के छह दिन में एक करोड़ 13 लाख रुपये का राजस्व अर्जित किया है। इसकी प्रमुख वजह ट्रेनों की कमी होना भी बताया जा रहा है। हालांकि ललितपुर, समथर, गरौठा सहित अन्य ग्रामीण इलाकों में यात्रियों का टोटा रहा। इन मार्गों पर लोड फैक्टर 40 प्रतिशत से भी कम रहा। सहायक क्षेत्रीय प्रबंधक राम लवट के अनुसार 15 अतिरिक्त बसों को लगाया गया था। साथ ही बसों के फेरे भी बढ़ाए गए थे। सभी यात्रियों को सैनिटाइज कराया जाता रहा है।