झांसी। कोरोना काल में सवारी न मिलने से रोडवेज विभाग इस कदर घाटे में चल रहा है कि उसे आरटीओ को टैक्स जमा करने तक के लाले पड़ रहे हैं। टैक्स न अदा करना पड़े इसलिए झांसी से 55 बसों के कागजात आरटीओ ऑफिस में सरेंडर कर दिए हैं। उधर, जिला बस आपरेटर्स एसोसिएशन ने भी बसों का टैक्स माफ करने के कोई आदेश न होने के बाद 327 बसों को सरेंडर किया है।
रोडवेज ने बुधवार को 55 बसों के प्रपत्र परिवहन निगम में जमा किए। सेवा प्रबंधक तुलाराम वर्मा ने बताया कि सवारियां मिल नहीं रही हैं। ऐसे में इन्हें सरेंडर किया गया है। सरेंडर अवधि का टैक्स भी नहीं लगेगा। सामान्य स्थिति होने पर सभी बसों को वापस ले लिया जाएगा।
इधर, जिला बस आपरेटर्स एसोसिएशन के अध्यक्ष अनूप यादव एवं महासचिव मोहम्मद जावेद ने बताया कि जिले की 327 से अधिक बसों के प्रपत्र सरेंडर कर दिए है। उन्होंने बताया कि बस व्यवसाय शून्य हो गया है। इससे बस आपरेटर्स एवं कर्मचारी भुखमरी की कगार पर आ गए हैं। उन्होंने शासन से मांग की कि कोविड 19 में खड़ी बसों का छह माह का टैक्स जल्द से जल्द माफ किया जाए। इधर, एआरटीओ सत्येंद्र कुमार ने कहा कि सरेंडर अवधि का टैक्स नहीं लिया जाएगा। सरेंडर किए गए वाहनों का सत्यापन होगा। वहीं, लॉकडाउन अवधि के टैक्स माफी की कार्रवाई के लिए शासन को पत्र भेजा गया है।