झांसी। मंगलवार को विद्युत चेकिंग टीम को संयोजन देने के पूर्व ही जांच के
लिए गोविंद चौराहे पर पहुंचना भारी पड़ गया। लोगों ने चेकिंग का विरोध करते
हुए सड़क पर जाम लगा दिया। विरोध बढ़ता देख टीम को बैरंग लौटना पड़ा।
विद्युत टीम एक जेई (अवर अभियंता) को मौके पर छोड़कर चली गई। इसका लाभ
उठाते हुए भीड़ ने जेई को घेर लिया। गनीमत रही कि कुछ परिचितों व चीता
सिपाहियों ने जेई को भीड़ के चंगुल से छुड़ाया। वहीं, एक घंटे तक जाम लगा
रहने से वाहन चालक परेशान रहे।
विद्युत वितरण खंड प्रथम के अंतर्गत आने
वाले जेल चौराहा सब स्टेशन से जुड़े संयोजनों की जांच के लिए विभाग 21
जुलाई से अभियान चला रहा है। पांच दिन पूर्व गोविंद चौराहा पर स्थित बांस
वाली गली के आसपास रहने वाले गरीब परिवारों (75 संयोजन) ने जांच से पूर्व
विद्युत टीम से संयोजन देने व दो खंभे लगाने की मांग की थी। इस पर अधीक्षण
अभियंता राकेश कुमार गुप्ता ने संबंधित एसडीओ व जेई को एक-दो दिन में
संयोजन की प्रक्रिया पूरी करने के निर्देश दिए थे, मगर समय से किसी भी
उपभोक्ता की प्रोसेसिंग फीस जमा नहीं की गई, इससे उपभोक्ताओं को संयोजन
देने से पहले आईडी नंबर जारी नहीं हो सके। इधर, मंगलवार को विद्युत टीम
गोविंद चौराहा पर संयोजनों की जांच को पहुंच गई।
टीम में वितरण खंड प्रथम
के सभी उपखंड अधिकारी व अवर अभियंता शामिल थे।
मंगलवार होने के कारण
सभी दुकानें बंद थीं, इस कारण बांस वाली गली के लोगों को लगा कि अब उनके
घरों में जांच के लिए टीम आएगी। इस पर अपराह्न करीब एक बजे बड़ी संख्या में
महिलाएं व लोग गोविंद चौराहे पर पहुुंच गए और जांच का विरोध करने लगे।
महिलाओं का कहना था कि पहले उनको नियमित संयोजन व उनके घरों के पास दो खंभे
लगाए जाएं, तभी जांच होने दी जाएगी।
देखते ही देखते लोगों ने जाम लगा
दिया। लोगों का विरोध देख अधिकारी बैक फुट पर आ गए और उन्होंने वापस लौटने
में ही भलाई समझी। इस दौरान एक जेई को भीड़ ने घेर लिया और एक कच्ची दुकान
की तरफ उन्हें ले गए। भीड़ में शामिल उग्र लोग बार-बार जेई को दुकान के
अंदर ले जाकर बंधक बनाने की बात कहने लगे। गनीमत रही कि जेई की सूचना पर
कुछ परिचित व चीता मोबाइल के सिपाही मौके पर पहुंच गए और उनको भीड़ के
चंगुल से छुड़ाया। इस बीच नवाबाद थाना पुलिस मौके पर पहुंच गई और भीड़ को
तितर-बितर कर मामले को शांत कराया। इस संबंध में अधिशासी अभियंता पीके सागर
ने बताया कि सभी को नए संयोजन जारी कर दिए गए हैं। संयोजन लगाने के बाद ही
अब उक्त क्षेत्र की जांच होगी।