झांसी। शहरवासियों को पेयजल की समस्या के समाधान के लिए जल संस्थान द्वारा पाइप लाइन तो डाल दी गई है, लेकिन ठेकेदार ने खुदाई का मलबा मौके पर ही छोड़ दिया है, जिससे लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। महापौर ने जगह-जगह पड़े मलबे को हटाने के निर्देश दिए और पाइप लाइन की जांच के लिए कमिश्नर को पत्र लिखा।
14 वें वित्त आयोग की 1.50 करोड़ रुपये धनराशि से पेयजल की समस्या के समाधान के लिए शहर के विभिन्न मुहल्लों में पाइप लाइन डाली गई है। इसमें खाती बाबा में नंदनपुरा से केके पुरी कालोनी, सूर्यपुरम् चौराहा से केके पुरी कालोनी और हाजी पैट्रोल पंप के सामने मुरारी नगर में पाइप लाइन करीब एक माह पूर्व डाली जा चुकी है।
महापौर किरण वर्मा को शिकायत मिली कि सड़क खोदी गई है, लेकिन लाइन डालने के करीब एक माह बाद भी मलबा जस का तस सड़क पर पड़ा है। मलबे से बरसात के कारण पूरी सड़क पर कीचड़ हो जाता है, जिससे मुहल्ले वालों को निकलने में परेशानी होती है। वाहन भी स्लिप होकर गिर जाते हैं।
मंगलवार को महापौर ने निरीक्षण कर पाया कि अभी तक 66.53 लाख रुपये का काम हो सका है। पाइप लाइन तो डाल दी गई है, लेकिन मलबा जस का तस पड़ा है। मुहल्ले वालों ने बताया कि अब तक किसी को कनेक्शन भी दिया गया है। महापौर ने जल संस्थान को शिविर लगाकर नल के कनेक्शन देने को कहा और ठेकेदार को जल्द से जल्द खुदाई का मलबा हटाने और सड़क सही कराने को कहा। पूरी रिपोर्ट तैयार कर कमिश्नर को भेजी जा रही है।
उनके साथ चीफ इंजीनियर आरके वर्मा, अधिशासी अभियंता एके शर्मा, सहायक अभियंता एमएल त्रिपाठी, जल संस्थान के जेई गंगासागर, केपी सिंह मौजूद रहे।