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मालगोदाम से नगरा के बीच गढ्ढों वाली सड़क

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मालगोदाम से नगरा के बीच गढ्ढों वाली सड़क कई वर्ष से नहीं कराई गई पैचिंग झांसी। सीपरी बाजार से मालगोदाम होते हुए नगरा की ओर जाने वाली सड़क का बुरा हाल है। सड़क पर कई जगह बड़े-बड़े गढ्ढे हैं। जिससे इसकी पहचान ही गढ्ढों वाली सड़क के तौर पर बन गई। स्ट्रीट लाइट भी रात में नहीं जलती। इस वजह से यहां काफी दुर्घटनाएं भी होती हैं। नगरा की ओर जाने का यह मुख्य रास्ता है। इसी रास्ते से रोजाना हजारों लोग नगरा, खातीबाबा, रेलवे कॉलोनी, रेलवे वर्कशॉप, माल गोदाम आदि इलाकों की ओर जाते हैं लेकिन, कई वर्षो से इसकी मरम्मत ही नहीं कराई गई। सड़क काफी खराब हो गई है। जगह बड़े-बड़े गढ्ढे हो चुके। स्थानीय लोगों के मुताबिक करीब पांच साल पहले मामूली मरम्मत कराई गई। उसके बाद पैचिंग तक नहीं हुई। सड़क के बीचों-बीच करीब दो सौ मीटर सड़क ही पूरी तरह गायब हो गई। जगह-जगह गिट्टियां निकलकर फैल गई हैं। सड़क क्षतिग्रस्त होने से अकसर राहगीर फिसलकर चुटहिल भी हो जाते हैं। स्थानीय लोगों के मुताबिक जगह-जगह गढ्ढे होने से बारिश के दिनों में परेशानी बढ़ जाती है। राहगीरों का निकल पाना भी मुश्किल हो जाता है। सवारी गाड़ियां भी हिचकोले खाते हुए गुजरती है। लोगों का कहना है कई बार नगर निगम की हेल्पलाइन में शिकायत दर्ज कराई गई लेकिन इसकी पैचिंग तक नहीं कराई गई। - रोजाना हजारों सवारी गाड़ियां इधर से गुजरती हैं। गढ्ढों की वजह से उनके पलटने का भी अंदेशा रहता है। दीपू बारिश के समय मुश्किल बढ़ जाती है। कीचड़ की वजह से फिसलन पैदा हो जाती है। तमाम राहगीर रोजाना फिसलकर गिरते हैं। सुनील कुमार बारिश के दिनों में समस्या काफी बढ़ जाती है। गढ्ढे में पानी भर जाने से लोगों का निकलना मुश्किल हो जाता है। शिवा रात में अकसर यहां दुर्घटना होती है। सड़क जल्द बनवाए जाने की जरूरत है राहुल सड़क की मरम्मत काफी समय से नहीं कराई गई। गिट्टी सड़क पर ही फैली रहती है। इससे वाहन सवार अकसर फिसल जाते हैं। शिवम सड़क पर लाइट का भी इंतजाम नहीं है। रात में इधर से जाना काफी मुश्किल भरा हो जाता है। रवि वर्मा
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